al qaeda attack bamako: माली में अल-कायदा से जुड़े संगठन और तुआरेग विद्रोहियों के एक बड़े हमले में रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की मौत हो गई है. आतंकियों ने राजधानी बामाको के पास स्थित मुख्य सैन्य अड्डे और रक्षा मंत्री के आवास को निशाना बनाया, जिसके बाद देश के उत्तरी हिस्से में विद्रोहियों के मजबूत होने की खबरें सामने आ रही हैं.

al qaeda attack bamako: पश्चिमी अफ्रीका के देश Mali में एक बड़ा और खतरनाक आतंकी हमला हुआ है. इस हमले ने पूरे देश को हिला दिया. हमले में माली के रक्षा मंत्री Sadio Camara की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक यह हमला अल-कायदा से जुड़े संगठन Jama’at Nasr al-Islam wal Muslimin और तुआरेग विद्रोहियों ने मिलकर किया. दोनों गुटों ने एक साथ कई जगहों को निशाना बनाया. इस वजह से हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. बताया जा रहा है कि पिछले कई वर्षों में यह माली पर हुआ सबसे बड़ा और सबसे संगठित हमला माना जा रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावरों ने देश के कई हिस्सों में एक साथ हमले किए. राजधानी Bamako के आसपास के इलाकों में धमाके और गोलीबारी हुई. इसके अलावा सोने की खदानों वाले क्षेत्रों में भी हिंसक घटनाएं सामने आईं. फ्रांस के रेडियो नेटवर्क Radio France Internationale की रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों ने बामाको के पास स्थित Kati Military Base पर भी हमला किया. यह सैन्य अड्डा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. बताया गया कि रक्षा मंत्री सादियो कैमारा का घर भी इसी इलाके में था. हमले के दौरान उनके घर को निशाना बनाया गया और इसी घटना में उनकी मौत हो गई.
हमले की घटनाएं सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहीं. रविवार को भी राजधानी के पास हालात तनावपूर्ण बने रहे. एक सैन्य छावनी के आसपास गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं. समाचार एजेंसी Reuters के एक पत्रकार ने मौके से यह जानकारी दी. फिलहाल स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है. अलग-अलग इलाकों से लगातार नई जानकारी सामने आ रही है. अब तक कितने लोग मारे गए या घायल हुए हैं, इसकी पूरी जानकारी भी सामने नहीं आई है.
इस हमले से जुड़ी एक और बड़ी खबर उत्तरी शहर Kidal से आई है. यह शहर लंबे समय से सरकार और विद्रोहियों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है. तुआरेग विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने किडाल शहर को सरकारी सेना से वापस अपने कब्जे में ले लिया है. हालांकि इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सरकार की ओर से भी इस बारे में कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला इसलिए बेहद गंभीर है क्योंकि इस बार आतंकियों ने राजधानी के नजदीक हमला किया. आमतौर पर ऐसे हमले दूर-दराज के इलाकों में होते थे. लेकिन इस बार एक सैन्य अड्डे और रक्षा मंत्री जैसे बड़े नेता को निशाना बनाया गया. इससे साफ है कि हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था. दरअसल माली में कई सालों से अस्थिरता बनी हुई है. देश में इस समय सैन्य सरकार है. सरकार के खिलाफ दो बड़े गुट सक्रिय हैं. एक अल-कायदा से जुड़ा संगठन और दूसरा तुआरेग विद्रोही समूह. दोनों लंबे समय से उत्तरी माली में अलग सत्ता की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं.
