इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने बयान दिया है कि इस युद्ध का अंत वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा.
झुकने को नहीं तैयार है ईरान
मिडिल ईस्ट में हो रही जंग का अंत अभी तक नजर नहीं आ रहा है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच में जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. दोनों पक्ष जंग को खत्म करने की बजाय जंग को लंबा खींचने की बात कर रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद भी ईरान झुकने को तैयार नहीं है. इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि ईरानी सेना ने अमेरिका के 10 रडार सिस्टम खत्म कर दिए हैं.
वाशिंगटन नहीं तेहरान तय करेगा युद्ध का अंत
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि ईरानी सेना ने अभी तक फारसी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के 10 बेहद एडवांस्ड रडार सिस्टम्स को खत्म कर दिया है. IRGC ने युद्ध के अंत के ऊपर जोर देते हुए कहा है कि इस युद्ध का अंत अब वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा. ये सभी बातें IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने मंगलवार को कहीं हैं.
ट्रंप ने कहा था जंग का अंत बेहद करीब
नैनी ने अपनी बयान उस समय पर दिया है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बयान आया है. ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि इस जंग का अंत बेहद करीब है. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि आपको गोला-बारूद का भंडार खत्म होने की कगार पर है. आप इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ़ रहे हैं. आप ऐसा रास्ता तलाश रहे हैं जिसमें आपकी इज्जत भी बची रहे. आप अमेरिका के लोगों को सच क्यों नहीं बताते हैं?
अमेरिका के 10 रडार सहित महंगे ड्रोन खत्म
IRGC के प्रवक्ता नैनी ने कहा कि ट्रंप नहीं चाहते हैं कि अमेरिका के लोगों को यह पता चले कि फारसी खाड़ी में उनके देश का सैन्य ढांचा पूरी तरह से खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अमेरिका के लगभग 10 बेहद एडवांस्ड रडार सिस्टम, बड़ी संख्या में महंगे ड्रोन को ईरान के हवाई डिफेंस सिस्टम ने खत्म कर दिया है. नैनी ने कहा है कि इस युद्ध का अंत वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान तय करेगा.
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ में हो रही जंग बेहद जल्दी खत्म होने वाली है. ट्रंप का यह बयान दुनिया में लगातार बढ़ रही तेल की कीमतों के बीच में आया है. ट्रंप ने अपने बयानों में संकेत दिया है कि अमेरिका इससे भी बड़े स्तर पर ईरान के ऊपर हमला कर सकता है.
यह भी पढ़ें- योगी कैबिनेट में 30 प्रस्तावों को मंजूरी, अब खतौनी की जांच के बाद ही होगी जमीन की रजिस्ट्री
