Pakhtunkhwa gas pipeline blast: खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत इलाके में गैस पाइपलाइन को विस्फोट से उड़ा दिया गया, जबकि इसी क्षेत्र में टीटीपी हमले में एक कैप्टन समेत तीन पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं. लगातार बढ़ती आतंकी घटनाओं और हालिया बलूचिस्तान हमले ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Pakhtunkhwa gas pipeline blast: पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में एक बार फिर हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है. लक्की मरवत इलाके में मंजीवाला के पास गैस पाइपलाइन को विस्फोट से उड़ा दिया गया है. शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कुछ अज्ञात लोगों ने पाइपलाइन को निशाना बनाया. धमाके में पाइपलाइन और आसपास के ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है. बताया जा रहा है कि विस्फोट करने के लिए खास तरह के विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों में डर फैल गया है.
इस गैस पाइपलाइन धमाके को लेकर अभी तक पाकिस्तान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि स्थानीय पत्रकारों के मुताबिक पुलिस ने धमाके की पुष्टि कर दी है. पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. खैबर पख्तूनख्वा का यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है. यह क्षेत्र तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी का गढ़ रहा है. बीते कुछ सालों में यहां हिंसा और आतंकी गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस धमाके को बेहद गंभीर मान रही हैं.
गैस पाइपलाइन धमाके से पहले इसी इलाके में टीटीपी से जुड़ा एक और बड़ा हमला भी हुआ था. खैबर जिले में एक सुरक्षा चेक पोस्ट को निशाना बनाया गया था. इस हमले में एक पाकिस्तानी कैप्टन समेत तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए. मारे गए कैप्टन का नाम अब्बास शिनवारी बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने पहले विस्फोटक से भरे ड्रोन से चेक पोस्ट पर हमला किया. इसके बाद चारों तरफ से भारी गोलीबारी शुरू कर दी गई. इस हमले में चार सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए हैं.
न्यूज 18 की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच करीब 40 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली. दोनों तरफ से लगातार फायरिंग होती रही. हालात बिगड़ते देख इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भेजा गया. पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. आसपास के गांवों और पहाड़ी इलाकों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की तलाश तेजी से की जा रही है.

पाकिस्तान में हाल के दिनों में चरमपंथी हिंसा तेजी से बढ़ी है. पिछले सप्ताह ही बलूचिस्तान में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने बड़ा हमला किया था. इस हमले में बीएलए ने 84 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया था. वहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने 17 जवानों समेत करीब 50 लोगों की मौत की पुष्टि की थी. सरकार ने यह भी बताया था कि जवाबी कार्रवाई में 145 चरमपंथियों को मार गिराया गया. लगातार हो रहे ऐसे हमले पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं.
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