Jaishankar america visit: पाकिस्तान ने ट्रंप को खुश करने के लिए खनिज और कूटनीतिक पेशकशें की हैं, लेकिन भारत दबाव में नहीं झुका और अमेरिका से अपने हितों के साथ व्यापार समझौता कर टैरिफ में बड़ी राहत हासिल की है. डील के बाद जयशंकर अमेरिका और अजित डोभाल सऊदी पहुंचे, वहीं सऊदी ने पहलगाम हमले की निंदा कर पाकिस्तान को कूटनीतिक झटका दिया है.
Jaishankar america visit: अमेरिका में सत्ता में दोबारा लौटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने के लिए पाकिस्तान की सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कई कोशिशें की थी. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर की जोड़ी ने अमेरिका के सामने अपने खनिज और कीमती पत्थरों के भंडार खोलने की पेशकश की है. एक तस्वीर भी सामने आई थी, जिसमें मुनीर ट्रंप को ब्रीफकेस खोलकर खनिज दिखाते नजर आए. पाकिस्तान ने ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करने तक का कदम उठाया. इसके उलट भारत ने किसी तरह की खुशामद की राजनीति नहीं की. भारत ने साफ कहा कि वह किसी दबाव में आकर अपने फैसले नहीं बदलेगा.
भारत ने न तो अमेरिका की शर्तों पर व्यापार समझौता किया और न ही टैरिफ की धमकियों से पीछे हटा. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. भारत इसके बावजूद रूस से कच्चे तेल की खरीद करता रहा. भारत ने अपने राष्ट्रीय हितों को सबसे ऊपर रखा. बाद में अमेरिका खुद भारत से व्यापार समझौते के लिए आगे आया. दोनों देशों के बीच डील भी हो गई. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने भारत पर लगाया गया टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. वहीं पाकिस्तान पर यह टैरिफ 19 प्रतिशत रखा गया. पाकिस्तान में इसे भारत की कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.
व्यापार समझौते के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका पहुंचे. उन्हें क्रिटिकल मिनरल्स पर होने वाली पहली मंत्री स्तरीय बैठक में बुलाया गया. यह बैठक 2 से 4 फरवरी के बीच हुई. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से अलग से बातचीत की. दोनों देशों ने क्वाड के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. बातचीत में परमाणु सहयोग. रक्षा संबंध. अहम खनिज. व्यापार और ऊर्जा जैसे मुद्दे शामिल रहे. जयशंकर ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से भी मुलाकात की. दोनों पक्षों ने भारत अमेरिका आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की.
इधर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सऊदी अरब के पांच दिन के दौरे पर पहुंचे. यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में रक्षा समझौता हुआ था. इस समझौते के बाद डोभाल पहले वरिष्ठ भारतीय अधिकारी हैं जो सऊदी पहुंचे हैं. सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब भारत को पाकिस्तान के साथ हुए डिफेंस पैक्ट की जानकारी देगा. गाजा से जुड़े शांति प्रयासों पर भी चर्चा होनी है. यह दौरा यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हुआ है. उस दौरान भारत और यूएई ने रक्षा साझेदारी और व्यापार बढ़ाने पर सहमति बनाई थी.

सऊदी अरब ने हाल में पहलगाम आतंकी हमले और लाल किले पर हुए हमले की कड़ी निंदा भी की थी. भारत ने पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था. इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी. दोनों देशों के बीच चार दिन तक तनाव रहा. बाद में संघर्षविराम पर सहमति बनी. इसके बावजूद पाकिस्तान ने सऊदी के साथ रक्षा समझौता किया था. अब सऊदी द्वारा आतंकी हमलों की निंदा को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. सऊदी अरब ने भारत अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया और टू स्टेट सॉल्यूशन का समर्थन किया.
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