noida violence pakistan connection: नोएडा पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि 13 अप्रैल को हुई हिंसा के पीछे पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स का हाथ था, जिन्होंने वीपीएन का उपयोग कर भ्रामक जानकारी फैलाई. पुलिस ने सेक्टर-20 थाने में मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस विदेशी साजिश की गहराई से जांच शुरू कर दी है.

noida violence pakistan connection: Noida में हुई हालिया हिंसा को लेकर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि इस घटना के पीछे विदेशी कनेक्शन सामने आया है. जांच में संकेत मिले हैं कि Pakistan से सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश की गई थी. इससे इलाके में अचानक तनाव का माहौल बन गया. पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर कुछ पोस्ट साझा किए गए थे. इन पोस्ट्स में भ्रामक और भड़काऊ जानकारी फैलाई गई. इसका असर यह हुआ कि कई इलाकों में लोगों के बीच डर और गुस्सा फैलने लगा.
पुलिस के मुताबिक दो एक्स अकाउंट इस मामले में खास तौर पर सामने आए हैं. ये अकाउंट @Proudindiannavi और @Mir_llyas_INC नाम से चल रहे थे. जांच में सामने आया कि इन हैंडल्स से कई ऐसे पोस्ट किए गए जिनका मकसद लोगों को भड़काना था. इन पोस्ट्स के बाद कुछ जगहों पर हालात तेजी से बिगड़ गए. उग्र भीड़ सड़कों पर उतर आई. कई जगहों पर पत्थरबाजी हुई. कुछ लोगों पर हमला भी किया गया. इसके अलावा कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. निजी और सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.
घटना के बाद Gautam Buddh Nagar जिले में मामला दर्ज किया गया. थाना सेक्टर-20 में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1) और 353(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है. यह धाराएं सरकारी काम में बाधा डालने और हिंसा फैलाने से जुड़ी हैं. इसके साथ ही सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66 के तहत भी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में सभी सबूतों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है.
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी तरीकों से सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी जुटाई. इसमें सामने आया कि दोनों एक्स हैंडल भारत से नहीं बल्कि पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे. हालांकि इन अकाउंट्स को चलाने वाले लोग अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे. इसके लिए उन्होंने वीपीएन का इस्तेमाल किया था. इसके बावजूद तकनीकी जांच के जरिए उनकी लोकेशन का पता लगा लिया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इन अकाउंट्स के जरिए ऐसी गतिविधियां सामने आई हैं.
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस घटना के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियां भी अब सतर्क हो गई हैं. सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है ताकि इस तरह की अफवाहें दोबारा न फैलें. अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी की भी भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
