Narendraa modi 3.0 cabinet: आगामी चुनावों और विकसित भारत के लक्ष्य को देखते हुए जुलाई में होने वाले मोदी सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में युवाओं, महिलाओं और ओबीसी वर्ग को बड़ा प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है.

Narendra modi 3.0 cabinet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि जुलाई के पहले या दूसरे हफ्ते में मोदी सरकार की नई टीम का एलान हो सकता है इस बार सबसे बड़ा सस्पेंस इस बात को लेकर है कि किन नए चेहरों को मौका मिलेगा और किन पुराने मंत्रियों की छुट्टी होगी सूत्रों की मानें तो इस बार सरकार एक बिल्कुल नई सोशल इंजीनियरिंग पेश करने की तैयारी में है इसका सीधा असर देश के सियासी समीकरणों और आने वाले दिनों में होने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा
इस बार मोदी कैबिनेट में युवाओं को सबसे ज्यादा तरजीह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अपने भाषणों में युवा शक्ति को देश का असली भविष्य बताते हैं आंकड़ों पर नज़र डालें तो मोदी सरकार के मंत्रियों की औसत उम्र साल दर साल कम हुई है साल 2014 में यह 62 वर्ष थी, जो अब घटकर 58 वर्ष पर आ चुकी है मौजूदा सरकार में 50 साल से कम उम्र के मंत्रियों की हिस्सेदारी सिर्फ 24 फीसदी के आसपास है ऐसे में कयास हैं कि इस फेरबदल के बाद कैबिनेट को और ज्यादा युवा रूप दिया जाएगा ताकि जोश और नए विचारों को जगह मिल सके
कैबिनेट विस्तार में दूसरा सबसे बड़ा फोकस महिलाओं पर रहने वाला है पीएम मोदी देश में हमेशा चार प्रमुख जातियां बताते हैं, जिनमें नारी शक्ति सबसे ऊपर है सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का कदम उठाया है वर्तमान में एनडीए गठबंधन से 58 महिला सांसद संसद में हैं इसके बावजूद मौजूदा कैबिनेट में सिर्फ 7 महिला मंत्री ही शामिल हैं, जो कुल संख्या का लगभग 10 प्रतिशत है राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष को कड़ा संदेश देने के लिए इस बार कैबिनेट में नए महिला चेहरों को बड़ी और अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं
इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) को भी इस विस्तार में बड़ा प्रतिनिधित्व मिल सकता है पिछले चुनाव में विपक्ष ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सरकार को काफी घेरा था इस वजह से पिछड़ा वर्ग का एक हिस्सा एनडीए से दूर भी हुआ था फिलहाल मोदी सरकार में 27 मंत्री ओबीसी वर्ग से आते हैं भाजपा इस वर्ग में अपनी पकड़ दोबारा मजबूत करना चाहती है आगामी उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावों को देखते हुए पिछड़े और दलित समाज के नेताओं को कैबिनेट में खास जगह देकर भाजपा अपने पुराने वोट बैंक को साधने की पूरी कोशिश करेगी
अभी तक सरकार ने इस फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन यह पूरी तरह तय माना जा रहा है कि मंत्रियों के कामकाज और परफॉर्मेंस के आधार पर उनके विभागों में फेरबदल किया जाएगा खराब प्रदर्शन वाले कुछ मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है पार्टी की नई रणनीति के तहत ऐसे चेहरों को सबसे पहले मौका मिल सकता है जो युवा होने के साथ-साथ महिला और ओबीसी वर्ग से आते हों अब हर किसी की नज़र प्रधानमंत्री मोदी के इस बड़े फैसले पर टिकी है कि उनकी नई टीम का फाइनल स्वरूप कैसा होता है
