Strait of Hormuz Tension: पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति के लिहाज से सबसे अहम माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है

Strait of Hormuz Tension: Puरी दुनिया में तेल आपूर्ति के लिहाज से सबसे अहम माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कड़े रुख के बाद होर्मुज इलाके में जहाजों की आवाजाही पर रोक लगने की बात सामने आ रही है. हाल ही में हुए कुछ हमलों और चेतावनियों के बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं.
तेल टैंकरों पर हमले के बाद थमी जहाजों की चाल
फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है. गुरुवार रात को एक और टैंकर को नष्ट किए जाने की खबर सामने आई है. इन घटनाओं के बाद समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों ने अपनी आवाजाही पूरी तरह रोक दी है. जहाजों को नेविगेशन में मदद करने वाले सिस्टम्स को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
चार जहाजों को निशाना बनाए जाने का दावा
ईरान की नौसेना का कहना है कि उन्होंने उत्तरी फारस की खाड़ी में नियमों के खिलाफ चल रहे जहाजों पर कार्रवाई की है. आईआरजीसी के अनुसार, ये जहाज अवैध तरीके से तेल का ट्रांसफर कर रहे थे और तय रास्तों का पालन नहीं कर रहे थे. ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन जहाजों को प्रतिबंधित और खतरनाक समुद्री रास्तों से गुजरने के लिए बढ़ावा दे रहा है. ईरान का यह भी दावा है कि इस समुद्री इलाके में बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं, जिसके कारण लगातार घटनाएं बढ़ रही हैं.
अमेरिका पर लगा गंभीर और तीखा आरोप
इस पूरे विवाद में ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. ईरानी सेना का कहना है कि अमेरिकी शह पर ही कुछ जहाज प्रतिबंधित रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में इस इलाके में लगातार हो रहे हमलों और तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में खलबली मच गई है.
तस्करी दोबारा शुरू हुई तो और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान की तरफ से साफ कर दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. आईआरजीसी से जुड़े सूत्रों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि तेल की तस्करी या अवैध गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. ऐसे जहाजों और उनकी मदद करने वाले तकनीकी उपकरणों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा. इस तीखी चेतावनी के बाद से समुद्री यातायात से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है.
वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर मंडराया बड़ा खतरा
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का सीधा असर दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इस रास्ते से कच्चे तेल की सप्लाई होती है, और यदि आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रही, तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत समेत कई देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं. फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस संकट को टालने और हालात को सामान्य बनाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की मांग उठ रही है.
