strait of hormuz reopens after 49 days: ईरान ने लेबनान में संघर्ष-विराम के बाद सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोल दिया है. 28 फरवरी से बंद रहे इस मार्ग के 49 दिनों बाद खुलने से भारत सहित पूरी दुनिया को तेल और गैस की आपूर्ति में बड़ी राहत मिली है.

strait of hormuz reopens after 49 days: Strait of Hormuz से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. Iran ने इस अहम समुद्री मार्ग को फिर से पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है. ईरान ने कहा है कि Israel और Lebanon के बीच हुए संघर्ष-विराम के बाद अब इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू की जा रही है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि सभी कमर्शियल जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जा रही है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि यह रास्ता फिलहाल संघर्ष-विराम की अवधि तक ही खुला रहेगा.
अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि लेबनान में संघर्ष-विराम को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट से वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का रास्ता खोल दिया गया है. यह वही समुद्री मार्ग है जिसका पहले ही ईरान के पोर्ट और मैरीटाइम संगठन ने एलान किया था. इस फैसले के बाद कई देशों के व्यापारिक जहाजों को राहत मिलने की उम्मीद है.
इस मामले पर Donald Trump ने भी बयान दिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर बताया कि ईरान ने सभी तरह के जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने की घोषणा कर दी है. दरअसल 28 फरवरी 2026 को United States और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया था. इसके बाद इस समुद्री रास्ते से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो गई थी. कुछ ही दिनों बाद ईरान ने इस मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया था. अगर 28 फरवरी से 17 अप्रैल 2026 तक का समय देखा जाए तो करीब 49 दिन बाद यह रास्ता दोबारा खोला गया है.
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व भारत के लिए बहुत ज्यादा है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें से 60 प्रतिशत से ज्यादा तेल फारस की खाड़ी के देशों से आता है. इनमें Saudi Arabia. Iraq. United Arab Emirates और ईरान जैसे देश शामिल हैं. इन देशों से आने वाला तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है. जब यह मार्ग बंद हुआ था तो भारत में एलपीजी और तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा. कुछ जहाजों को ईरान की अनुमति से नौसेना की निगरानी में भारत लाना पड़ा.
दुनिया के लिए भी होर्मुज स्ट्रेट बहुत अहम माना जाता है. यह समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है. रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है. यह दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20 से 21 प्रतिशत हिस्सा है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस भी इसी रास्ते से भेजी जाती है. जब यह मार्ग बंद होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. इसलिए इसके खुलने के बाद दुनिया के तेल और गैस बाजार को बड़ी राहत मिली है. कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है.
