rohit shetty house firing case: रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आगरा से शुभम लॉकर गैंग के सदस्य प्रदीप कुमार उर्फ ‘गांठ’ को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अब तक छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों और उनके राज्यों में फैले नेटवर्क की तलाश में जुटी है.

rohit shetty house firing case: मशहूर फिल्म निर्देशक Rohit Shetty के घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. इस केस में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने आगरा से पकड़ा है. यह कार्रवाई यूपी एसटीएफ और Mumbai Police Crime Branch की संयुक्त टीम ने मिलकर की. पुलिस के मुताबिक यह आरोपी काफी समय से फरार था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था. आखिरकार पुलिस ने सटीक सूचना मिलने के बाद उसे पकड़ लिया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप कुमार उर्फ गांठ के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि वह कुख्यात Shubham Locker Gang से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसियों के अनुसार यह गैंग अलग-अलग इलाकों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए बदनाम है. पुलिस को काफी समय से इस आरोपी की तलाश थी. बताया जा रहा है कि घटना के बाद से ही वह लगातार छिपता फिर रहा था. लेकिन आखिरकार पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
दरअसल यह पूरा मामला 1 फरवरी 2026 का है. उस दिन मुंबई के जूहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी के घर के बाहर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि इस हमले का मकसद फिल्म इंडस्ट्री में डर का माहौल बनाना था. साथ ही अंडरवर्ल्ड का दबदबा दिखाने की कोशिश भी की गई थी. घटना के बाद जूहू पुलिस स्टेशन में कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी.
पुलिस के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को यूपी एसटीएफ की आगरा यूनिट को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी आगरा में छिपा हुआ है. सूचना मिलते ही टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई. इसके बाद बाह थाना क्षेत्र में घेराबंदी की गई. पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को वहीं से गिरफ्तार कर लिया. इस पूरे ऑपरेशन में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने भी अहम भूमिका निभाई. दोनों एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई से यह गिरफ्तारी संभव हो पाई.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह सोशल मीडिया पर गैंग के पोस्ट देखकर उनसे प्रभावित हुआ था. उसे लगा कि गैंग से जुड़कर वह इलाके में अपना नाम बना सकता है. इसी सोच के कारण वह अपराध की दुनिया में उतर गया. पुलिस के अनुसार इस फायरिंग मामले में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. फिलहाल जांच एजेंसियां इस गैंग के बाकी सदस्यों और उसके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई हैं. पुलिस को शक है कि इस गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है.
