IAS Rinku Singh Rahi: यूपी के शाहजहांपुर की पुवाया तहसील में एसडीएम पद पर तैनात रहे आईएएस रिंकू सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. उन्होंने काम नहीं तो वेतन नहीं और समाज कल्याण अधिकारी के पद पर वापस भेजने की शर्तों के साथ राष्ट्रपति को पत्र भेजा था. बताया जा रहा था कि काम न मिलने से वह नाराज थे, जिसके बाद उन्होंने ये कदम उठाया था. अब उनका इस्तीफा गोपनीय तरीके से वापस हुआ है. आईएएस रिंकू सिंह लंबे समय से लखनऊ में राजस्व परिषद में अटैच थे, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस पूरे मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
पढ़ें क्यों दिया था इस्तीफा?
रिंकू सिंह ने इस्तीफा में कहा था कि संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम चल रहा है और उन्हें काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है. फिलहाल इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया है. न तो शासन के अधिकारी और न ही स्वयं रिंकू सिंह इस मामले पर आधिकारिक रूप से कुछ बोल रहे हैं. तकनीकी इस्तीफा वापसी की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया है, जिसकी जानकारी बाहर नहीं आई है. बता दें कि रिंकू सिंह राही राजस्व परिषद से संबद्ध हैं. वह संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी के रूप में तैनात हैं.
एक साथ खाईं थी 7 गोलियां
2008 में रिंकू सिंह समाज कल्याण अधिकारी के रूप में मुजफ्फरनगर में तैनात हुए. वहां उन्होंने विभाग में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त एक्शन लेने शुरू कर दिया. जिससे नाराज होकर माफिया ने उन पर हमला कर दिया था और उन्हें सात गोलियां मारी थीं. शूटर रिंकू को मरा हुए छोड़कर चले गए. रिंकू सिंह का लंबा इलाज चला। उनकी कई सर्जरी हुई. दो सालों तक चले इलाज के बाद रिंकू सिंह स्वस्थ हो गए. इस बीच वह यूपीएससी की तैयारी में भी जुटे रहे.
वकीलों के सामने कान पकड़कर लगाई थी उठक-बैठक
बता दें कि आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने वकीलों के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. उस समय रिंकू सिंह राही शाहजहांपुर जनपद के पुवायां तहसील में SDM के पद पर थे. दरअसल, निरीक्षण के दौरान उन्होंने कचहरी के एक मुंशी को शौचालय के बाहर गंदगी फैलाते हुए देखा था, जिससे नाराज होकर उन्होंने उससे उठक-बैठक करवाई, जिससे नाराज होकर वकीलों ने विरोध किया और धरने पर बैठ गए थे. मामले को शांत करने के लिए रिंकू खुद वकीलों के बीच पहुंचे और माफी मांगी… इतना ही नहीं उन्होंने सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक कर संदेश दिया था कि नियम सबके लिए समान हैं.
