यूपी के हरदोई में शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में एक महिला अभिभावक के साथ हुई अभद्रता ने पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया है. इस चर्चित मामले में पुलिस ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पीड़िता नीलम वर्मा की तहरीर पर थाना कोतवाली शहर में दर्ज की गई है. इस FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 के साथ-साथ SC/ST एक्ट की गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं. 26 अप्रैल को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
पढ़ लीजिए पूरा मामला
दरअसल, पूरा मामला 24 अप्रैल का है, जब नीलम वर्मा अपनी बेटी अलीशा के भविष्य की चिंता लेकर स्कूल पहुंची थी. लेकिन उसे क्या पता था कि शिक्षा के इस तथाकथित मंदिर में उसे सम्मान नहीं, बल्कि अपमान मिलेगा. आरोप है कि कॉपियों की खरीद के नाम पर उस पर आर्थिक दबाव बनाया गया. जब उसने मजबूरी में कुछ दिन की मोहलत मांगी, तो स्कूल प्रबंधन का असली चेहरा सामने आ गया. पीड़िता के मुताबिक, उसके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि उसे अपमानजनक शब्दों और कथित जातिसूचक टिप्पणियों का भी सामना करना पड़ा. यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई—और 26 अप्रैल को जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, पूरे जिले में गुस्से की लहर दौड़ गई.
सड़कों पर उतरें ABVPके छात्र-छात्राएं
वीडियो सामने आते ही माहौल गरमा गया.अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और स्कूल के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) डॉ. अजीत सिंह ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की और खुद टीम के साथ स्कूल पहुंचकर पूरे मामले की बारीकी से जांच कराई. जांच के दौरान न सिर्फ घटना की सच्चाई खंगाली गई,बल्कि विद्यालय के संचालन और भवन के मानकों को भी परखा गया. मौके पर पुलिस ने सीसीटीवी डीबीआर जब्त कर लिया. भारी दबाव और नारेबाजी के बीच प्रिंसिपल ममता मिश्रा को कैमरे के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी. उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह नहीं चिल्लाना चाहिए था और वह अपनी गलती के लिए शर्मिंदा हैं.
ममता मिश्रा के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक
प्रारंभिक जांच में प्रबंधन की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद BSA ने खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय की प्रधानाचार्य और प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए. यहीं नहीं, उन्होंने सख्ती दिखाते हुए स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी, ताकि जांच निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के पूरी हो सके. आदेश में साफ चेतावनी भी दी गई कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
