लद्दाख की ऊंचाइयों पर भारतीय सेना ने 153 जनरल अस्पताल में 27 से 30 अप्रैल तक एक कैंप का आयोजन किया गया. इस दौरान कई लोगों का इलाज किया गया. सेना ने सेवा की एक नई मिसाल पेश की है.

लद्दाख में भारतीय सेना ने आयोजित किया कैंप
लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों पर भारतीय सेना ने सेवा की एक नई मिसाल पेश कर दी है. भारतीय सेना द्वारा लेह के 153 जनरल अस्पताल में 27 से 30 अप्रैल तक एक कैंप का आयोजन किया गया. यहां चार दिवसीय एडवांल सर्जिकल आई कैंप ‘ऑपरेशन नेत्रा 1.0’ का आयोजन किया गया. इस दौरान 14 कोर के GOC लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला के द्वारा इस कैंप का उद्घाटन किया गया.
950 मरीजों की हुई जांच
आपको बता दें कि इस कैंप के दौरान लद्दाख के 7 जिलों में कुल 950 मरीजों की जांच की गई. इस दौरान कैंप में जांच के लिए चुशुल, हानले, द्रास, जांस्कर और तुरतुक जैसे दूरी पर मौजूद और दुर्गम इलाकों के लोग शामिल हुए. आपको बता दें कि यह पहल देशव्यापी उस ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसके तहत नवंबर 2025 से अभी तक 2,500 से ज्यादा सर्जरी की जा चुकी हैं.
214 स्पेशल सर्जरी
इससे पहले उधमपुर, देहरादून, जयपुर और गोरखपुर जैसे शहरों में भी इस तरह के कैंपों को लगाया गया था. यह कैंप सरकार के राष्ट्र प्रथम के संकल्प को दोहराते हुए काम करता है. इस दौरान ब्रिगेडियर डॉ. संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सर्जिकल टीम के 214 स्पेशल ऑपरेशन भी किए हैं. इन ऑपरेशनों में मोतियाबिंद की 197 सर्जरी और 10 विट्रो-रेटिनल सर्जरी शामिल है.
15 लोगों की लौटी रोशनी
लद्दाख में आयोजित इन कैंप में ग्लूकोमा और लेंस ट्रांसप्लांट जैसे एडवांस ट्रीटमेंट भी किए गए हैं. बताया जा रहा है कि जो लोग देख नहीं सकते थे, इस तरह के 15 लोगों की आंखों की रोशनी पूरी तरह से वापस लौट आई है. इस ऑपरेशन में ‘ऑपरेशन नेत्रा ऐप’ की लॉन्चिंग भी हुई. यह ऐप 153 जनरल अस्पताल द्वारा बनाया गया है जो मरीजों के रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने में मदद करता है.
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