उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. जिसे लेकर जनगणना निदेशक ने लखनऊ में कई जरूरी जानकारियां दी हैं.

जनगणना की तैयारियां तेज
उत्तर प्रदेश में भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां काफी तेज हो गई हैं. इसी के तहत जनगणना निदेशक IAS शीतल वर्मा ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर इसको लेकर पूरी जानकारी दी है. इस दौरान उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना आधुनिक तकनीक के साथ की जाएगी और देश में पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल तरीके से संचालित किया जाएगा.
2 चरणों में पूरी होगी जनगणना
IAS शीतल वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना को 2 चरणों में पूरा किया जाएगा. जनगणना के पहले चरण में 7 मई से 21 मई तक मकानों की लिस्ट बनाई जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में घरों की पहचान करके उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. रिकॉर्ड को तैयार करने के बाद इसके दूसरे चरण में 22 मई से 20 जून तक मकानों की जनगणना की जाएगी, जिसमें परिवारों से संबंधित आंकड़ों को इकट्ठा किया जाएगा.
1872 से हुई थी जनगणना की शुरुआत
जनगणना को लेकर शीतल वर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश के सभी जिलों में जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण के कामों को पहले से ही पूरा किया जा चुका है. अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल माध्यम से डेटा इकट्ठा करने के लिए ट्रेनिंग दी गई है, जिससे इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता पूरी तरह से बनी रहे. आपको बता दें कि भारत में जनगणना की शुरुआत साल 1872 में हुई थी.
विकास योजनाओं में मिलेगी मदद
आपको बता दें कि 2027 की जनगणना देश की 16वीं जनगणना होगी, वहीं आजादी के बाद यह देश की 8वीं जनगणना होगी. IAS शीतल वर्मा ने बताया कि इससे देश और प्रदेश की विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने में भी काफी मदद मिलेगी. शीतल वर्मा के मुताबिक डिजिटल जनगणना के जरिए डेटा को तेज, सुरक्षित और ज्यादा भरोसे के साथ इकट्ठा किया जा सकेगा.
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