अभी के समय में एक मामला लोगों के बीच में सबसे ज्यादा चर्चा में बना हुआ है. बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET पेपर के लीक होने की संभावना के बाद में 2026 में 3 मई के दिन हुई परीक्षा को कैंसिल कर दिया है. साथ ही भारत की सरकार ने मामला CBI को जांच के लिए दे दिया है. हालांकि, इसी बीच एक और बात सामने आ रही है. जहां शुरू में सभी को लगा कि पेपर लीक राजस्थान और उत्तराखंड तक ही सीमित था. अब खुलासे में इसके तार कई देशों से कनेक्ट होते दिखाई दिए है.
कई सूत्रों और रिपोर्टों के मुताबिक, नीट के पेपर के लीक होने की शुरुआत जयपुर से हुई है. वहां के पेपर तैयार करने वाली एजेंसी से पेपर के लीक होने की शुरुआत हुई है. जयपुर से लीक होने के बाद में वह महाराष्ट्र के नासिक में पहुंचा. वहां से वह हरियाणा से केरल, केरल से तमिलनाडु और तमिलनाडु से सीकर पहुंचा.
मामले में दो बड़े कोचिंग सेंटर के भी नाम इसमें जुड़ रहे हैं. एसओजी की जांच में जिन छात्रों को हिरासत में लिया गया है. उन छात्रों के फोन से यह पेपर कई बार फारवर्ड किया गया है. हालांकि, पेपर बनाने वाली एजेंसी का नाम अभी तक सामने नहीं आ पाया है. जयपुर में नीट के पेपर को छापा गया है.
कैसे फूटा इस स्कैम का भांडा
NTA को कई छात्रों ने पेपर के लीक होने की शिकायत की थी. इसी कारण से SOG को इसकी जांच सौंपी गई. जांच में पेपर लीक की बात के सच सामने आने के बाद में पेपर को कैंसल कर दोबारा से कराने की बात की गई है. साथ ही CBI को मामले की जांच सौंप दी गई है.
ये भी पढ़ें: NEET 2026 Exam Cancelled: छात्रों को दोबारा नहीं भरना होगा फॉर्म, पुराने आवेदन से ही होगी परीक्षा
