MP Corruption Reality: मुरैना में एक छठी कक्षा के छात्र ने सीवर की समस्या हल कराने के लिए जिला पंचायत सीईओ को चॉकलेट की ‘रिश्वत’ ऑफर की. बच्चे की इस मासूम लेकिन गहरी चोट करने वाली हरकत ने सरकारी व्यवस्था और भ्रष्टाचार की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है.

MP Corruption Reality: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया. यहां जनसुनवाई के दौरान छठी क्लास में पढ़ने वाला एक बच्चा अधिकारियों के पास पहुंचा. उसके हाथ में कोई बड़ी फाइल नहीं थी. बल्कि चार छोटी चॉकलेट थीं. बच्चे ने जिला पंचायत सीईओ की टेबल पर चॉकलेट रखीं और कहा कि उसके घर के बाहर बह रहे गंदे सीवर को ठीक करा दिया जाए. वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी यह देखकर कुछ देर के लिए चुप रह गए.
दरअसल मुरैना की संजय कॉलोनी में रहने वाला मानवेंद्र सिंह पिछले कई दिनों से सीवर की परेशानी झेल रहा था. उसके घर के बाहर गंदा पानी जमा रहता था. बदबू और गंदगी की वजह से उसे बाहर निकलने में परेशानी होती थी. बच्चा न ठीक से खेल पा रहा था और न ही साइकिल चला पा रहा था. स्कूल आने-जाने में भी उसे काफी दिक्कत हो रही थी. परिवार ने कई बार नगर निगम और संबंधित विभाग से शिकायत की. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. धीरे-धीरे बच्चे के मन में यह बात बैठ गई कि बिना कुछ दिए सरकारी काम नहीं होता.
इसके बाद मानवेंद्र ने खुद अपनी गुल्लक तोड़ी. उसमें से 20 रुपये निकाले और बाजार से चार चॉकलेट खरीद लीं. फिर वह सीधे जनसुनवाई में पहुंच गया. वहां उसने अधिकारियों से कहा कि वह ये चॉकलेट रिश्वत के तौर पर दे रहा है ताकि उसका काम हो जाए. बच्चे की मासूम बात सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. किसी को समझ नहीं आया कि इतनी छोटी उम्र में उसके मन में ऐसी सोच कैसे आ गई.
जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने बच्चे की बात को गंभीरता से सुना. उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर सीवर ठीक करने के निर्देश दिए. मानवेंद्र ने पूरे आत्मविश्वास के साथ यह भी कहा कि अगर चॉकलेट देने के बाद भी काम नहीं हुआ तो वह अपनी चॉकलेट वापस ले जाएगा. बच्चे की यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग मुस्कुराए भी और शर्मिंदा भी हुए.
यह घटना सिर्फ सीवर की शिकायत भर नहीं है. बल्कि समाज और सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी खड़ा करती है. जब एक छोटा बच्चा यह मानने लगे कि बिना रिश्वत दिए काम नहीं होता तो यह चिंता की बात है. मानवेंद्र की मासूम सोच ने भ्रष्टाचार की उस सच्चाई को सामने ला दिया जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. अब यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.
