New PUC Rules 2026: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1 अक्टूबर 2026 से बिना वैध PUC वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा और पंपों पर निगरानी के लिए ANPR कैमरे लगाए जाएंगे. साथ ही सरकार ने 2026 तक पराली जलाना पूरी तरह खत्म करने और इलेक्ट्रिक ऑटो को अनिवार्य करने का बड़ा लक्ष्य रखा है.

New PUC Rules 2026: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी CAQM ने ऐसे तीन बड़े फैसले लिए हैं जिनका असर आम लोगों से लेकर किसानों और वाहन चालकों तक पर पड़ेगा. सबसे बड़ा फैसला यह है कि अब बिना वैध PUC सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा. यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से पूरे एनसीआर में लागू कर दिया जाएगा. पहले यह व्यवस्था सिर्फ दिल्ली में थी लेकिन अब नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में भी लागू होगी.
नए नियम के तहत पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे वाहन का नंबर स्कैन करेंगे और तुरंत पता चल जाएगा कि वाहन का PUC वैध है या नहीं. अगर वाहन के पास प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं हुआ तो उसे पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण फैलाने वाले पुराने और खराब वाहनों पर लगाम लगेगी. साथ ही लोग समय पर अपना PUC बनवाने के लिए भी मजबूर होंगे.
CAQM ने दूसरा बड़ा फैसला पराली जलाने को लेकर लिया है. आयोग ने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को साल 2026 तक पराली जलाने की घटनाएं पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य दिया है. इसके लिए गांव-गांव में खेतों की मैपिंग की जाएगी. हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा. जहां ज्यादा मामले सामने आते हैं वहां 50 किसानों पर अलग निगरानी रखी जाएगी. रात में पेट्रोलिंग बढ़ेगी और सैटेलाइट के जरिए भी नजर रखी जाएगी.
सरकार किसानों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान भी चलाएगी. खराब और पुरानी मशीनों की जांच होगी और अगस्त 2026 तक नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी. छोटे किसानों को मुफ्त CRM मशीनें देने की योजना बनाई गई है. साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे ताकि किसान आसानी से मशीनों का इस्तेमाल कर सकें. नियम तोड़ने वालों पर पर्यावरण जुर्माना और रेड एंट्री जैसी कार्रवाई भी की जाएगी.
तीसरा बड़ा फैसला इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लिया गया है. CAQM अब एनसीआर में इलेक्ट्रिक ऑटो को बढ़ावा देना चाहता है. इसके तहत आने वाले समय में सिर्फ इलेक्ट्रिक 3-व्हीलर वाहनों के रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा दिया जाएगा. प्रस्ताव के अनुसार साल 2027 से दिल्ली में नए CNG और डीजल ऑटो के रजिस्ट्रेशन पर रोक लग सकती है. वहीं 2028 से कई जिलों में सिर्फ इलेक्ट्रिक L5 ऑटो ही रजिस्टर्ड होंगे. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर की हवा को साफ करने में मदद मिलेगी।
