अफ्रीका के कांगो और युगांडा में एक नया वायरस फैल रहा है. जैसे ही लोगों के बीच इस वायरल की खबर फैली. सभी देश और लोग चिंता में चले गए है. दरअसल, कोरोना वायरल में देश के जिस तरीके से हालत हुए थे. उसके बाद से सभी लोग किसी भी नए वायरस के आने के बाद में टेंशन में चले जाते हैं.
ऐसे में युगांडा और कांगो में फैल रहे इबोला वायरस को लेकर सभी लोग चिंता में दिखाई दे रहे हैं. WHO के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न करने के बाद में लोग और ज्यादा चिंतित दिखाई दे रहे हैं. यह इंफेक्शन इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन है.
क्या है यह वायरल और कैसे फैसला है?
बता दें कि यह वायरल बेहद गंभीर है. हालांकि, यह कोरोना वायरस की तरह नहीं फैलता बल्कि इंफेक्टेड व्यक्ति के बॉडी फ्लूइड्स के संपर्क में आने पर फैलता है. कोरोना वायरस हवा के जरिए फैलता है. तो वहीं, इबोला वायरस इंफेक्टेड व्यक्ति के शरीर में आने से फैलता है. साथ ही इसके चपेट में आने के बाद में व्यक्ति का मृत्यु दर 89 से 90 प्रतिशत तक होता है. रिपोर्ट का कहना हैं कि 80 से अधिक लोग इस बीमारी के चपेट में आने से मर चुके हैं.
क्या हैं इसके लक्षण
डॉक्टरों के अनुसार, इबोला के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे ही होते हैं. व्यक्ति को पहले तेज बुखार, शरीर दर्द, कमजोरी आती है. उसके बाद में सिर दर्द और गले में खराश लगती है.
धीरे-धीरे यह बीमारी बढ़ती है और व्यक्ति को उल्टी, पेट दर्द और दस्त होने लगते हैं. शरीर के बाहर और अंदर ब्लीडिंग जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं.
कई लोगों में नाक और मसूड़ों से ब्लीडिंग भी होती है. इसके अलावा उल्टी और मल में खून भी आता है. धीरे-धीरे वायरल दिमाग पर असर डालता है और व्यक्ति को चिड़चिड़ापन और कन्फ्यूजन होने लगता हैय
इसके बचाव
बता दें कि एक्सपर्ट्स का कहना हैं कि अभी तक इसके मामले दिखे नहीं है. भारत में इसके एक भी मामले नहीं है. हालांकि, बचाव रखना तक भी जरूरी है.
संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों, खून, बिस्तर और मेडिकल उपकरणों के साथ संपर्क में आने से बचे.
प्रभावित देशों से लौटने पर 21 दिनों तक हेल्थ मॉनिटर पर रहें.
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