गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में मरीज के इलाज के साथ में खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर एक मरीज से पैसे लेने के बाद में उसका आधा अधूरा इलाज कर बीच में ही ऑपरेशन को छोड़ देने का मामला सामने आया है. ऑपरेशन के नाम पर पूरा पैसा लिया लेकिन जब इलाज करने का टाइम आया तो उसे आधे में ही छोड़ दिया गया.
जानकारी के मुताबिक, युवक 10 दिन पहले सड़क हादसे में बुरी तरीके से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में ले जाया गया. अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके यादव ने मरीज से ऑपरेशन करने की कही. साथ ही ऑपरेशन के लिए 17000 देने के लिए बोला. इसके अलावा सीटी स्कैन के बिना ही ऑपरेशन हो जाने की बात कही. परिवार का कहना हैं कि डॉक्टर ने एक्सरे की रिपोर्ट से ऑपरेशन करने की बात कही थी. परिवार ने डॉक्टर को पूरे पैसे दे दिए.
हालांकि, परिवार वालों को पैसे देने के बाद में भी इलाज सही नहीं मिल पाया. परिजनों का आरोप हैं कि डॉक्टरों ने आधा ऑपरेशन करके मरीज को ओटी से बाहर कर दिया. डॉक्टर ने उसे सीटी स्कैन करा कर लाने के लिए बोला. साथ ही कहा कि वह बिना सीटी स्कैन के ऑपरेशन नहीं करेंगे.
आधा ऑपरेशन होने के कारण परिवार पूरी तरीके से घबरा गया. मेडिकल प्रशासन से गुहार भी लगाई गई. हालांकि, किसी ने भी परिवार की बात को नहीं सुना. डॉक्टर को फोन करने के बाद में बदसलूकी भी की गई. डॉक्टर ने पहले पैसे ऑनलाइन लिए उसके बाद वापस भी कर दिए और पैसे नकद में मांगे. पैसे लेने के बाद में डॉक्टर ने इलाज किया. जो कि आधा अधूरा छोड़ दिया गया.
कॉलेज प्रिंसिपल डॉक्टर आनंद मिश्रा ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि मरीज के परिवार से लिखित रूप में शिकायत ली गई है. आरोपी डॉक्टर को चेतावनी दी गई हैं कि वह जब तक मामला की जांच नहीं की जाती. तब तक वह ओटी में किसी का भी इलाज नहीं करेंगे.
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