हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में काफी गंभीर मामला दायर किया गया है. बता दें कि इस याचिका में बच्चों से संबंधित कई गंभीर बातों पर सुनवाई की मांग की है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि नाबालिग बच्चों को स्पा और सैलून, डांस ट्रूप, नौटंकी, मसाज पार्लर, ऑर्केस्ट्रा जैसे काम करने पर पूरी तरीके से रोक लगनी चाहिए. इन जगह पर मानव तस्करी, बच्चों का शोषण करना और यौन उत्पीड़न से संबंधित खतरा बना रहता है.
इसी कारण से याचिकाकर्ता ने मांग की है कि ऐसे कामों को चाइल्ड लेबर कानून के अंतर्गत प्रतिबंध कर देना चाहिए. कई जगहों पर अभी कुछ शर्त के साथ काम पर लगाया जाता है. ऐसे बच्चों का पता लगने पर उन्हें जल्द से जल्द वहां से छुड़वाना चाहिए और उन नाबालिगों के पुनर्वास की व्यवस्था को बनाया जाना चाहिए.
याचिकाकर्ता की इस मांग पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने भी सहमति दी है. साथ ही इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है.
बता दें कि अभी के समय कई जगहों पर नाबालिग को ऐसे कामों में थकेल दिया जाता है. बिहार में ऑर्केस्ट्रा में यह और ज्यादा देखने को मिलता है. ऐसे में याचिकाकर्ता की यह मांग काफी तसल्ली देने वाली है.
याचिका में मांग हैं कि केंद्र सरकार अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करें और चाइल्ड लेबर एक्ट 1986 की धारा 4 के तहत अपनी शक्तियों को सही काम में लगाए. पार्ट-A की लिस्ट में बालश्रम पर पूरी तरीके से प्रतिबंध लगाया गया है. हालांकि, अभी भी कुछ पार्ट है, जो पार्ट B में हैं. इसमें शर्तों के तहत बाल श्रम को मंजूरी मिली है.
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