असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास हो गया है. जिसके बाद उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम UCC लागू करने वाला देश की तीसरा राज्य बन गया है. इस बिल के तहत कई नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं.

असम में UCC बिल पास
असम अब समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला भारत की तीसरा राज्य बनने जा रहा है. आपको बता दें कि असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास हो गया है. उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब असम यह कानून लाने वाला तीसरा राज्य हो गया है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सत्र के आखिरी दिन इस बिल को मंजूरी दिलाई है.
हंगामे के बीच लागू UCC
आपको बता दें कि विधानसभा में हंगामे के बीच में इस बिल को पास कराया गया है. विपक्ष ने इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की थी. आपको बता दें कि इस कानून के लागू होती ही अब राज्य में तलाक, शादी, लिव-इन और जमीन-जायदाद के नियम पूरी तरह से बदलने वाले हैं. इस कानून का मकसद है कि सभी लोगों के लिए एक जैसा नियम हो. हालांकि आदिवासियों को इस कानून से बाहर रखा गया है, जिससे उनकी संस्कृति बची रहे.
शादी की उम्र और तलाक का रजिस्ट्रेशन
नए बिल में पुरुषों की शादी की उम्र 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल तय कर दी गई है. इसी के साथ शादी और तलाक का सरकारी रजिस्ट्रेशन भी करवाना जरूरी हो जाएगा. अगर कोई राज्य में यह नहीं करता है तो उसके ऊपर जुर्माना लगाया जाएगा. मुख्यमंत्री हिमंता के मुताबिक यह कानून राज्य में समानता लेकर आएगा. उनके मुताबिक शादी, तलाक और संपत्ति के मामलों में सभी को एक जैसी व्यवस्था दी जाएगी.
नियम तोड़ने पर मिलेगी सजा
इस नए बिल में नियमों को तोड़ने वालों के लिए सख्त सजा तय की गई है. अगर कोई व्यक्ति एक से ज्यादा शादी का दोषी होता है तो उसे 7 साल तक की जेल हो सकती है. साथ ही डराकर या पहचान छिपाकर शादी करने पर भी 7 साल की जेल के साथ जुर्माने का प्रावधान है. आपको बता दें कि बाल विवाह या फिर बिना मर्जी के शादी करने पर 2 साल की सजा हो सकती है.
लिव-इन रिलेशनशिप में भी सख्त नियम
नए बिल के मुताबिक अगर आप कानूनी प्रक्रिया के बिना अवैध रूप से तलाक लेते हैं, तो भी 3 साल की जेल की सजा हो सकती है. नए बिल में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं. कपल को एक महीने के अंदर इसका रजिस्ट्रेशन करना होगा, अगर कपल ऐसा नहीं करता है तो 3 महीने की जेल या 10 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है. साथ ही किसी तरह की जानकारी छिपाने या फिर झूठे फैक्ट्स देने पर भी 3 महीने की जेल और 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया जा सकता है.
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