Heatwave Alert India: संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले 5 वर्षों में ग्रीनहाउस गैसों के कारण वैश्विक तापमान में अत्यधिक वृद्धि होने और गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूटने की गंभीर आशंका है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस बदलाव से भारत-पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया में भीषण लू, सूखा, आर्कटिक की बर्फ पिघलने और अमेजन के जंगलों में आग जैसी विनाशकारी मौसम संबंधी घटनाएं तेजी से बढ़ेंगी.

Heatwave Alert India: संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले 5 साल पहले से ज्यादा गर्म हो सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि 2026 से 2030 के बीच धरती का तापमान लगातार बढ़ेगा. कई देशों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं. विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी WMO ने साफ कहा है कि इंसानों की गतिविधियों और ग्रीनहाउस गैसों की वजह से मौसम तेजी से बदल रहा है. यही कारण है कि हर साल गर्मी और ज्यादा खतरनाक होती जा रही है. रिपोर्ट के बाद कई देशों में चिंता बढ़ गई है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि पेरिस समझौते में दुनिया ने तय किया था कि धरती का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने दिया जाएगा. लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 5 सालों में 75 फीसदी संभावना है कि औसत तापमान इस सीमा को पार कर जाएगा. इतना ही नहीं. 91 फीसदी संभावना जताई गई है कि इन सालों में कम से कम एक साल ऐसा होगा जब तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर पहुंच जाएगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले साल 2024 की रिकॉर्ड गर्मी को भी पीछे छोड़ सकते हैं. यानी लोगों को पहले से ज्यादा गर्म मौसम झेलना पड़ सकता है.
रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चिंता आर्कटिक इलाके को लेकर जताई गई है. यहां तापमान दुनिया के बाकी हिस्सों से कई गुना तेजी से बढ़ रहा है. बर्फ लगातार पिघल रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि जब बर्फ कम होती है तो समुद्र ज्यादा गर्मी सोखने लगता है. इससे तापमान और तेजी से बढ़ता है. दूसरी तरफ अमेजन के जंगलों में भी खतरा बढ़ता दिख रहा है. वहां सूखे और आग की घटनाएं बढ़ सकती हैं. अगर अमेजन के जंगलों को नुकसान पहुंचा तो ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से बढ़ेगी. इससे पूरी दुनिया के मौसम पर असर पड़ेगा.
भारत समेत कई देशों में भी इसका असर साफ दिखाई दे सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में लू की घटनाएं बढ़ सकती हैं. दिन के साथ रातें भी ज्यादा गर्म रहेंगी. इससे लोगों को आराम नहीं मिल पाएगा. खेती, पानी और स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है. शहरों में गर्मी और ज्यादा महसूस होगी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बाढ़, तूफान, सूखा और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं भी तेजी से बढ़ सकती हैं. भारत और पाकिस्तान जैसे देशों में पहले ही भीषण गर्मी देखने को मिल रही है.
संयुक्त राष्ट्र के जलवायु विशेषज्ञों ने कहा है कि अभी भी हालात संभाले जा सकते हैं. इसके लिए दुनिया को तुरंत बड़े कदम उठाने होंगे. कोयला, तेल और गैस का इस्तेमाल कम करना होगा. जंगलों को बचाना होगा और साफ ऊर्जा को बढ़ावा देना होगा. वैज्ञानिकों का कहना है कि हर छोटा कदम भी जरूरी है. अगर अभी लापरवाही हुई तो आने वाले सालों में गर्मी लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर डाल सकती है. यही वजह है कि UN की यह रिपोर्ट दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है.
