Saharanpur ATS Operation: सहारनपुर में एटीएस की बड़ी कार्रवाई में सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. पकड़े गए युवकों को गांव वाले साधारण मजदूर और ड्राइवर समझते थे, जिससे इस नेटवर्क के खुलासे के बाद हर कोई हैरान और सन्न है.

Saharanpur ATS Operation: सहारनपुर में ATS की बड़ी कार्रवाई के बाद कई गांवों में डर और सन्नाटा फैल गया है . जिन लोगों को गांव वाले साधारण मजदूर, ड्राइवर और वेल्डर समझते थे, उन पर अब गंभीर आरोप लगे हैं . जांच एजेंसियों के मुताबिक ये युवक पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े लोगों के संपर्क में थे . बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के जरिए इनकी बातचीत शुरू हुई थी . धीरे-धीेरे यह संपर्क एक बड़े नेटवर्क में बदलता चला गया . ATS और पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है . गांव के लोग अभी भी यकीन नहीं कर पा रहे कि उनके बीच रहने वाले युवक ऐसे मामले में पकड़े जा सकते हैं .
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए युवक पिछले करीब छह महीने से इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में बैठे लोगों से जुड़े हुए थे . पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क सिर्फ सहारनपुर तक सीमित नहीं था . इसकी पहुंच उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड तक हो सकती है . गिरफ्तार आरोपियों में सरसावा थाना इलाके के ढिक्का कलां गांव के महकाब और शाहरूख शामिल हैं . महकाब हरियाणा और पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था . वहीं शाहरूख उत्तराखंड और देहरादून में मजदूरी करता था . पुलिस अब इनके फोन, चैट और संपर्कों की जांच कर रही है .
इस मामले में हरिद्वार के ढनढेरा गांव के मुशर्रफ और मुजफ्फरनगर के शाहपुर रामराज इलाके के ट्रक ड्राइवर गगनदीप उर्फ गुरी को भी गिरफ्तार किया गया है . पुलिस का कहना है कि गगनदीप कई राज्यों में ट्रक लेकर आता-जाता था . इसी वजह से एजेंसियों को शक है कि उसके जरिए नेटवर्क को मदद मिल रही थी . जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन लोगों को फंड कहां से मिलता था और ये किस तरह की गतिविधियों में शामिल थे . पुलिस यह भी जानना चाहती है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को इस नेटवर्क से कौन जोड़ रहा था .
दूसरी तरफ आरोपियों के परिवार और गांव के लोग इन आरोपों को गलत बता रहे हैं . महकाब के पिता का कहना है कि उनका बेटा मजदूरी करके परिवार चलाता था और कभी किसी गलत काम में शामिल नहीं रहा . गांव वालों ने भी कहा कि उन्हें कभी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं मिली . शाहरूख के पिता ने बताया कि उनका बेटा मजदूरी करता था और हर कुछ दिनों में घर लौट आता था . परिवार का कहना है कि वह जिस व्यक्ति के साथ काम करता था, उसी के व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ा हुआ था . इसी वजह से उसका नाम इस मामले में आ गया .
ATS की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है . गांव के लोग इस घटना के बाद हैरान हैं . जिन युवकों को लोग मेहनत-मजदूरी करने वाला समझते थे, उन पर इतने गंभीर आरोप लगने से हर कोई सन्न है . महकाब के चाचा ने कहा कि परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा था . उन्होंने युवाओं से अपील की कि किसी भी बहकावे में न आएं . वहीं सुरक्षा एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि सोशल मीडिया के जरिए किस तरह युवाओं को ऐसे नेटवर्क में फंसाया जा रहा है . फिलहाल पुलिस और ATS की जांच लगातार जारी है .
