चित्रकूट: देश के प्रसिद्ध संत और तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अब अपने ही गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने किया दावा
आशुतोष ब्रह्मचारी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दावा किया है कि रामचंद्र दास उनके गुरु की हत्या की साजिश रच सकता है और उसके खिलाफ उनके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं. वहीं इन आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने भी वीडियो जारी कर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
संत समाज में हलचल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने संत समाज में हलचल मचा दी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपने वीडियो संदेश में तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि यदि भविष्य में उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी. आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि रामचंद्र दास ने गुरुजी को अपने प्रभाव में ले रखा है और वह उनकी संपत्तियों व आश्रमों से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं में शामिल है. वीडियो में उन्होंने कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि वह इन मामलों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.
जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने भी जारी किया वीडियो
आशुतोष ब्रह्मचारी के आरोपों के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने भी वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बयान से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है. महाराज ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि कोई व्यक्ति अपने ही गुरु और पीठ की प्रतिष्ठा को इस तरह विवादों में घसीट सकता है. रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि उन्हें अब आशंका है कि उनकी छवि और तुलसी पीठ की गरिमा को धूमिल करने के लिए कोई सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है. इसक साथ ही अपनी और अपने उत्तराधिकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
फिलहाल दोनों वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और संत समाज से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं. हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक किसी सक्षम एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं की गई है. प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
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