abhishek banerjee reaction: ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा ‘घमंडी’ होने और सीनियरों का सम्मान न करने का आरोप लगाने के बाद पार्टी में आंतरिक कलह तेज हो गई है. इस आलोचना पर अभिषेक बनर्जी ने संयत रुख अपनाते हुए कल्याण बनर्जी को अपना सीनियर बताया और कहा कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है.

abhishek banerjee reaction: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर मचे घमासान पर अब खुद अभिषेक बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है. पार्टी के भीतर अपने खिलाफ उठ रही आवाजों और आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने बहुत ही शांत रुख अपनाया है. टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि कल्याण बनर्जी उनके खिलाफ खुलकर बोल सकते हैं. उन्होंने दलील दी कि कल्याण बनर्जी ने उन्हें बचपन से देखा है और वे उनके सीनियर हैं. इसलिए पार्टी के भीतर मतभेदों पर आपस में ही बैठकर चर्चा की जाएगी. अभिषेक ने साफ किया कि उनके मन में कल्याण बनर्जी के लिए कोई कड़वाहट नहीं है और वे उनके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलेंगे.
अभिषेक बनर्जी की यह सफाई दरअसल कल्याण बनर्जी के उस तीखे बयान के बाद आई है, जिसने पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया था. कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को मीडिया के सामने आकर अभिषेक बनर्जी पर बड़ा हमला बोला था. उन्होंने आरोप लगाया था कि अभिषेक ‘बहुत घमंडी’ हो चुके हैं और उन्होंने पार्टी के सीनियर नेताओं का सम्मान करना बिल्कुल नहीं सीखा है. कल्याण बनर्जी ने चुनावी हार और पार्टी में आए मौजूदा संकट के लिए सीधे तौर पर अभिषेक को ही जिम्मेदार ठहराया था. इतना ही नहीं, उन्होंने ममता बनर्जी को एक तरह से अल्टीमेटम देते हुए कह दिया था कि पार्टी में या तो अभिषेक रहेंगे या फिर वे खुद रहेंगे. उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी अभिषेक के बिना नहीं चल सकती तो वे हट जाएंगे, क्योंकि वे सिर्फ ममता दीदी के साथ हैं.
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिषेक बनर्जी ने इन सभी गंभीर आरोपों का बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने बार बार इस बात पर जोर दिया कि कल्याण बनर्जी पार्टी के बहुत वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने उन्हें बड़ा होते देखा है. ऐसे में उन्हें अपनी बात रखने और आलोचना करने का पूरा अधिकार है. इसके साथ ही अभिषेक ने देश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वे इस राजनीतिक लड़ाई में एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि कोई भी उन्हें झुका नहीं सकता है और वे सरकारी एजेंसियों से बिल्कुल नहीं डरते हैं. विधायकों और सांसदों को खरीदकर टीएमसी को तोड़ना नामुमकिन है.
केंद्रीय और स्थानीय जांच एजेंसियों के समन पर बात करते हुए टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सीआईडी (CID) ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था. उन्हें यह नोटिस बुधवार शाम को मिला था, जिसके बाद वे जांच टीम के सामने पेश हुए. वे वहां करीब साढ़े पांच घंटे तक रहे और अफसरों के सवालों के जवाब दिए. अभिषेक ने बताया कि उन्हें 14 जून को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है और वे वहां जरूर जाएंगे. उन्होंने साफ किया कि वे जांच में हमेशा पूरा सहयोग करते हैं और आगे भी करेंगे, चाहे उन्हें किसी दूसरे मामले में भी समन क्यों न मिल जाए. वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं.
पश्चिम बंगाल में हुए चुनावी नुकसान के बाद फिलहाल टीएमसी के अंदर हालात ठीक नहीं चल रहे हैं और पार्टी में एक तरह की भगदड़ मची हुई है. कई वरिष्ठ नेता लगातार पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं. टीएमसी का दामन छोड़ने वाले ज्यादातर नेताओं का यही आरोप है कि अभिषेक बनर्जी फैसलों में मनमानी करते हैं और पुराने नेताओं की अनदेखी की जा रही है. इस विवाद के बीच गुरुवार को पार्टी के एक और दिग्गज सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी बड़ा बयान दिया था. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा था कि वे जब तक इस पार्टी में रहेंगे, उनकी नेता सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी ही रहेंगी. उनके अलावा वे संगठन में किसी दूसरे को अपना नेता नहीं मानते हैं.
