neet ug 2026: ये आर्टिकल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून को आयोजित होने वाली नीट यूजी 2026 री एग्जाम के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा, तकनीक और 1.38 लाख से ज्यादा कैमरों की कड़ी निगरानी व्यवस्था की पूरी जानकारी देता है.

neet ug 2026: कल यानी 21 जून को देशभर में नीट यूजी 2026 की री एग्जाम होने जा रही है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इसके लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. आपको याद होगा कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था. इसी वजह से इस बार परीक्षा को पूरी तरह साफ सुथरा और निष्पक्ष बनाने के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए गए हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए. एनटीए ने छात्रों और उनके माता पिता से साफ कहा है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही पेपर लीक जैसी किसी भी झूठी अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें.
इस बार परीक्षा का पैमाना बहुत बड़ा है. देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों को मिलाकर कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. इस महा परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र बैठेंगे. परीक्षा अंग्रेजी के साथ साथ 12 भारतीय भाषाओं में होगी. नकल रोकने के लिए तकनीक का तगड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है. परीक्षा के लिए बने 95 हजार से ज्यादा कमरों में कुल 1 लाख 38 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की लाइव रिकॉर्डिंग पर सीधे मंत्रालय और राष्ट्रीय स्तर से पैनी नजर रखी जाएगी.
इंटरनेट या किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल रोकने के लिए केंद्रों पर 51,311 जैमर्स लगाए गए हैं. इसके अलावा किसी दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले फर्जी छात्रों को पकड़ने के लिए खास तैयारी है. इस बार जांच करने वाले और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करने वाले स्टाफ की संख्या दोगुनी कर दी गई है. करीब 38 हजार लोग चेकिंग करेंगे और 48 हजार से ज्यादा लोग बायोमेट्रिक और फेस स्कैनिंग का काम संभालेंगे. चेहरा पहचानने वाली इस तकनीक से जांच बहुत तेजी से और बिना किसी गड़बड़ी के पूरी हो जाएगी.
हर परीक्षा वाले कमरे में दो इनविजिलेटर तैनात रहेंगे जो बच्चों पर नजर रखेंगे. इसके साथ ही हर केंद्र पर 10 अतिरिक्त कर्मचारी और एक सेंटर सिस्टम्स ऑफिसर भी मौजूद रहेगा ताकि कंप्यूटर या कैमरे की किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके. पूरे देश में नजर रखने के लिए 6,700 ऑब्जर्वर्स जमीन पर तैनात रहेंगे. वहीं दिल्ली में बैठकर 100 से ज्यादा अधिकारी लाइव टीवी स्क्रीन पर नजर रखेंगे. किसी भी तरह की गड़बड़ी या संदिग्ध हरकत को तुरंत पकड़ने के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर की भी मदद ली जा रही है.
इस पूरी परीक्षा को सुरक्षित कराने में पुलिस, अर्धसैनिक बल और जिला प्रशासन के साथ साथ भारतीय वायुसेना और डाक विभाग भी मदद कर रहे हैं. हर सेंटर पर सुरक्षा के लिए 40 से 50 जवान तैनात रहेंगे. शनिवार को ही पूरे देश में इन सभी सिस्टम्स को चेक करने के लिए एक मॉक ड्रिल यानी रिहर्सल भी की गई. भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर पीने का पानी, ओआरएस, एम्बुलेंस और पेरेंट्स के बैठने की जगह बनाई गई है. चेकिंग में ज्यादा समय बर्बाद न हो, इसलिए इस बार छात्रों को परीक्षा के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा.
