NEET-UG के पैटर्न में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. दरअसल, केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा दिया है, जिसमें इस बदलाव की जानकारी दी गई है. इस हलफनामे के मुताबिक अब अभ्यर्थियों की परीक्षा पेन-पेपर मोड की बजाए कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट में बदल दी जाएगी. साथ ही JEE के पेपर की तरह नीट पेपर को भी दो चरणों में कराने पर विचार किया जा रहा है.
क्या लिखा है हलफनामे में
केंद्र सरकार की तरफ से जारी हलफनामे में कहा गया है कि JEE की तरह नीट पेपर को भी दो स्तर में करवाया जाएगा. इससे परीक्षा की सुरक्षा मजबूत होगी. साथ ही छात्रों की योग्यता का मूल्यांकन भी सही तरह से हो जाएगा. हालांकि, अभी यह व्यवस्था लागू नहीं की गई बल्कि पूरी चर्चा होने के बाद ही इसका फैसला लिया जाएगा. सरकार ने परीक्षा में हो रही गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है. यह समिति परीक्षा में होने वाले बदलावों का पहले अध्ययन करेगी और उसके बाद अपनी राय और सुझाव को प्रस्तुत करेगी.
परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था होगी टाइट
पेपर लीक के अलावा होने वाली अनियमिताओं को रोकने के लिए तकनीकी व्यवस्था का उपाय भी रखा जाएगा. आइए जानें किस तकनीकी व्यवस्था का रखा जाएगा ध्यान. . .
इसमें सबसे पहला प्रश्नपत्रों की सुरक्षा- दरअसल, जिस ट्रंक में या बॉक्स में प्रश्नपत्र रखें जाएंगे. उनकी लोकेशन को GPS से ट्रेक किया जाएगा. इसके अलावा उन ट्रंकों में ऐसा लॉक लगाया जाएगा, जो केवल एक बार या तय समय पर ही खुलेगा.
प्रश्नपत्र को खोलने वाले व्यक्ति की फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट से पहचान की जाएगी, जिससे की कोई दूसरा व्यक्ति ऐसा न कर सके.
डिजिटल रूप से प्रश्नों को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति उन्हें पहले ही पढ़ या चोरी न कर पाएं.
हालांकि, इसका पूरा फैसला और अंतिम रूप सभी लोगों से विचार विमर्श करके ही लिया जाएगा. नेशनल मेडिकल कमीशन और स्वास्थ्य मंत्रालय से विचार विमर्श के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा.
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