Rampur News: उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को आयकर विभाग से एक बहुत बड़ा झटका लगा है. आजम खान द्वारा संचालित मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को मिलने वाली टैक्स छूट को सरकार द्वारा पूरी तरह रद्द कर दिया गया है. इनकम टैक्स विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12AB रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. इसके साथ ही अब जौहर ट्रस्ट से भारी टैक्स, ब्याज और पेनल्टी वसूली जाएगी. इस फैसले के बाद जौहर ट्रस्ट अब कोई गतिविधि नहीं कर पाएगा. आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को गैर-जनहितकारी और अनियमित बताया गया है. लखनऊ स्थित प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय ने इस बड़ी कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है.
आजम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी
आजम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के लाइफटाइम चांसलर हैं. टैक्स लाभ खत्म होने से ट्रस्ट की वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं.जौहर ट्रस्ट ने यूनिवर्सिटी निर्माण में करीब 46 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया था, जबकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के मूल्यांकन में इसकी लागत 494 करोड़ रुपये आंकी गई थी. जांच एजेंसियों को शक था कि निर्माण में लगे 448 करोड़ रुपये के काले धन का निवेश हुआ है.
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की टैक्स छूट खत्म
12AB रजिस्ट्रेशन किसी भी ट्रस्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके माध्यम से ट्रस्ट को कर छूट मिलती है, दान और अनुदान प्राप्त करने में सुविधा होती है और सरकारी और निजी संस्थाओं के बीच उसकी विश्वसनीयता भी बढ़ती है. इसके अलावा 80G की मंजूरी होने पर दान देने वालों को भी टैक्स में छूट का लाभ मिलता है.
आदेश में बताया गया कि 2020-21 तक आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 132 के तहत एक तलाशी कार्रवाई 13 सितंबर 2023 को आजम खान और संबंधित संस्थाओं सहित उनके पास मौजूद जानकारी के आधार पर जांच विंग द्वारा निर्धारित ट्रस्ट के मामले में की गई थी. रामपुर की प्रसिद्ध मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी इसी जौहर ट्रस्ट के तहत वैधानिक रूप से संचालित की जाती है.
वित्तीय संकट में घिरी जौहर यूनिवर्सिटी
जांच में ये भी सामने आया है कि ट्रस्ट के गैर-पारिवारिक सदस्य केवल डमी ट्रस्टी थे. डमी ट्रस्टियों को गतिविधियों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.इस कड़े फैसले के बाद अब जौहर ट्रस्ट को मिलने वाली सभी तरह की आयकर छूट पर पूरी तरह से संकट मंडराने लगा है. टैक्स लाभ पूरी तरह खत्म होने से आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की वित्तीय मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले 13 सितंबर 2023 को आजम खान और उनके उनके करीबी सहयोगियों के ठिकानों पर आयकर विभाग द्वारा देशव्यापी छापेमारी की गई थी. इस मैराथन सर्च ऑपरेशन के बाद शुरू हुई विस्तृत विभागीय जांच में मिले इनपुट के आधार पर ही यह बड़ा फैसला लिया गया है.
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