26 जून शुक्रवार के दिन दरभंगा में दो पक्षों के बीच हुआ विवाद खूनी खेल में बदल गया है. दरअसल, पूरा मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र के उझौल गांव का बताया जा रहा है. मुहर्रम के दिन पर दोनों पक्षों के बीच में विवाद उत्पन्न हुआ है. हालांकि, यह विवाद बेहद ही मामूली बात को लेकर शुरू हुआ था.
जानकारी के मुताबिक, एक ट्यूब लाइट से शुरू हुआ विवाद दोनों पक्षों के बीच में खून-खराबे और लड़ाई झगड़े में बदल गया. दरअसल, उझौल गांव के रहने वाले दिलीप सहनी और मो. मोबिन के बीच में यह लड़ाई शुरू हुई थी. मो. मोबिन पटना जिला बल में एएसआई के पद काम कर रहे हैं. वह छुट्टी के समय में अपने घर आए हुए थे.
वहां मौजूद लोगों के अनुसार, शुक्रवार को साढ़े तीन बजे के करीब सुनील अपने चार साथियों के संग में आया और अखाड़े के इमामबाड़ा के पास गया. उसने अपने पास में मौजूद बंदूक से गोली चलाई और ट्यूब लाइट को बूझा दिया.
सुनील की इस बात का मों. मोबिन ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच इस बात को लेकर लड़ाई शुरू हो गई. हालांकि, यह लड़ाई बढ़ते-बढ़ते फायरिंग में बदल गई. दरअसल, आरोपी सुनील ने मोबिन के पेट पर गोली मार दी, जिसकी वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गए. वहां मौजूद लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों में उनकी हालत गंभीर बताई है.
मामले की सूचना मिलते ही बहादुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. दरअसल, आरोपी की इस हरकत के बाद में वहां मौजूद लोगों ने उसे जमकर पीटा और धारदार फरसे से उस पर वार कर दिया. इस कारण से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने मौके से दो खोखा और खून से सना हुआ फरसा बरामद किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल को भी तैनात किया गया है. किसी तरीके के तनाव को उत्पन्न न होने के कारण ऐसा फैसला लिया गया है. साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भी भेजा गया है.
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