modi cabinet reshuffle: ये खबर 28 या 29 जून को होने वाले मोदी कैबिनेट के संभावित फेरबदल की तारीखों, उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों और जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे की पूरी जानकारी देता है.

modi cabinet reshuffle: दिल्ली के सियासी गलियारों में इन दिनों भारी हलचल मची हुई है. केंद्र की मोदी सरकार में बहुत जल्द एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. ऐसी जोरदार चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाले रविवार यानी 28 जून या सोमवार यानी 29 जून को अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव कर सकते हैं. हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इसको लेकर कोई भी आधिकारिक एलान नहीं किया गया है. लेकिन राजनीतिक गलियारों में अटकलें बेहद तेज हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि हाल ही में 23 जून को पीएम मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के बाद से ही बदलाव की खबरों को और हवा मिल गई है.
माना जा रहा है कि इस प्रस्तावित फेरबदल में कई नए चेहरों की किस्मत चमक सकती है. उन्हें पहली बार केंद्रीय कैबिनेट में एंट्री मिल सकती है. वहीं दूसरी तरफ कुछ मौजूदा मंत्रियों के कामकाज और विभागों में भी फेरबदल होने के पूरे आसार हैं. मंत्रिमंडल में बदलाव की ये चर्चाएं एक ऐसे समय पर हो रही हैं जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और महत्वपूर्ण राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनावी माहौल को देखते हुए बीजेपी आलाकमान भविष्य की रणनीति तैयार कर रहा है. सरकार इस बदलाव के जरिए जनता को एक बड़ा और सकारात्मक राजनीतिक संदेश देने की पूरी कोशिश में जुटी है.
कैबिनेट में बदलाव की इस सुगबुगाहट के पीछे कुछ और बड़ी वजहें भी सामने आ रही हैं. पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के मुख्य पदाधिकारियों के साथ कई दौर की लंबी बैठकें की हैं. इन मैराथन बैठकों की वजह से कैबिनेट विस्तार की अटकलों को और ज्यादा मजबूती मिली है. चर्चा यह भी है कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर कुछ विशेष राज्यों को मंत्रिमंडल में इस बार ज्यादा हिस्सेदारी दी जा सकती है. इसके अलावा संगठन को मजबूत करने के लिए सरकार के कुछ मंत्रियों को हटाकर वापस पार्टी के काम में लगाया जा सकता है.
इस पूरी हलचल के बीच एक बड़ा घटनाक्रम भी सामने आया है. केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन ने 23 जून को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उसी दिन उनके इस इस्तीफे को तुरंत मंजूर भी कर लिया था. जॉर्ज कुरियन केरल बीजेपी के एक बेहद वरिष्ठ और मजबूत नेता माने जाते हैं. दरअसल संसद सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल 21 जून को ही खत्म हो गया था. बीजेपी ने पहले ही इस बात के साफ संकेत दे दिए थे कि इस बार उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा. 24 जून 2026 को मध्य प्रदेश से उनका राज्यसभा का कार्यकाल पूरी तरह समाप्त हो गया था.
संवैधानिक नियमों के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति संसद का सदस्य नहीं रहता है तो उसे मंत्री पद छोड़ना पड़ता है. इसी वजह से उन्हें अपना इस्तीफा सौंपना पड़ा. जॉर्ज कुरियन ने पिछले साल 9 जून 2024 को केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उन्हें सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के साथ साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी. वह 1980 से ही बीजेपी से जुड़े हुए हैं और केरल में पार्टी को खड़ा करने में उनका बड़ा योगदान रहा है. हालांकि साल 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में वह कंजिराप्पल्ली सीट से चुनाव हार गए थे. अब देखना होगा कि आने वाले दो दिनों में पीएम मोदी की नई टीम में कौन से नए चेहरे शामिल होते हैं.
