Dharmendra pradhan future: ये खबर मोदी कैबिनेट के संभावित फेरबदल की इनसाइड स्टोरी के साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की छुट्टी होने की अटकलों और नए चेहरों की संभावित लिस्ट की पूरी जानकारी देता है.

Dharmendra pradhan future: नई दिल्ली के सियासी गलियारों में इस समय हलचल काफी तेज है. मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द ही एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले रविवार या सोमवार को ही कई बड़े बदलाव हो सकते हैं. इस हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकातों के बाद इस बात की संभावना और बढ़ गई है. सूत्रों से मिली संभावित मंत्रियों की नई लिस्ट ने सबको चौंका दिया है, जिसमें कई नए चेहरों की एंट्री हो रही है तो कुछ बड़े दिग्गजों की विदाई तय मानी जा रही है. इस पूरी लिस्ट में सबसे बड़ा सवाल मौजूदा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर उठ रहा है कि आखिर इस बार उनका क्या होगा?
इस संभावित फेरबदल में सबसे बड़ी खबर कुछ कद्दावर मंत्रियों की छुट्टी होने को लेकर है. वर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर चल रहा है. सूत्रों की मानें तो उन्हें इस बार कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. शिक्षा मंत्रालय में उनके काम और बदलते सियासी समीकरणों के कारण उनकी कुर्सी पर सबसे बड़ा संकट मंडरा रहा है. धर्मेंद्र प्रधान को हटाए जाने की चर्चाओं ने गलियारों में भारी सुगबुगाहट पैदा कर दी है.
धर्मेंद्र प्रधान के अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कुर्सी भी इस बार खतरे में दिखाई दे रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें भी मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है. इसी तरह रेलवे और फूड प्रोसेसिंग राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल अब खत्म होने वाला है. उन्हें दोबारा ऊपरी सदन में भेजने के आसार नहीं दिख रहे हैं. रहने वाले इन बड़े नेताओं के अलावा करीब आधा दर्जन राज्यमंत्रियों को भी खराब प्रदर्शन या नए समीकरणों के कारण हटाया जा सकता है.
इस फेरबदल में सिर्फ छुट्टी ही नहीं होगी बल्कि कुछ बड़े मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं. मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय से हटाकर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मंत्री मनोहर लाल खट्टर से ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार वापस लिया जा सकता है. हालांकि उनके पास शहरी विकास मंत्रालय पहले की तरह बना रहेगा. ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी नए चेहरे को सौंपी जा सकती है. इस तरह सरकार कुछ मंत्रालयों के कामकाज में नया जोश फूंकने की तैयारी में है.
दूसरी तरफ गठबंधन सहयोगियों और नए चेहरों को इस बार बड़ा इनाम मिल सकता है. शिवसेना के श्रीकांत शिंदे और संजय दीना पाटिल को मंत्री पद मिल सकता है. आम आदमी पार्टी से पाला बदलकर आए राघव चड्ढा या अशोक मित्तल में से किसी एक की किस्मत चमक सकती है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू चीफ नीतीश कुमार को भी पीएम मोदी अपनी टीम में जगह दे सकते हैं. पूर्व आरबीआई गवर्नर शक्तिकांता दास को सीधे वित्त मंत्रालय की बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. इसके अलावा मेरठ से बीजेपी सांसद अरुण गोविल, अनुराग ठाकुर, तरुण चुग, विष्णुदत्त शर्मा और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल को भी सरकार में शामिल किया जा सकता है.
