OP Rajbhar. सुभासपा प्रमुख और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर लगातार समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर हैं. ओपी राजभर कई दिनों से सपा में टूट का दावा कर रहे हैं.ताजा बयान की बात करें तो ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में राजभर ने कन्नौज सांसद निधि के खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में केवल एक खास वर्ग को प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य समाजों की अनदेखी की गई. OP राजभर ने कहा कि जाटव, धानुक, धोबी, लोधी समेत कई दलित और पिछड़े समुदायों की बस्तियों को विकास से वंचित रखा गया. उन्होंने सपा पर ओबीसी आरक्षण का लाभ सीमित वर्गों तक पहुंचाने का भी आरोप लगाया.
सुभासपा अध्यक्ष ने मुरादाबाद और बांदा की घटनाओं का जिक्र करते हुए सपा कार्यकर्ताओं पर गैर-यादव ओबीसी और दलित समाज के लोगों को धमकाने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए. साथ ही दावा किया कि सुधार न होने पर समाजवादी पार्टी में टूट जारी रहेगी। पढ़िए और क्या-क्या लिखा.

प्रिय,
ओपी राजभर ने लिखा
‘राजा बाबू’ उर्फ अखिलेश जी!
इस समय कन्नौज की आपकी सांसद निधि का खर्च पूरे देश में चर्चा का विषय है। विकास के नाम पर आपको सिर्फ ‘सपाई अब्दुल्लों का मोहल्ला’ ही दिखा? उजाला सिर्फ इन्हीं की गलियों में करना है? जाटव, धानुक, धोबी, लोधी की गलियों को आपने ‘चांद’ के भरोसे छोड़ दिया। ये सब भी आपके ही लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं। वैसे इस मामले में आपका और आपकी पार्टी का पुराना रिकॉर्ड है। हक खा जाने का। सपा की वजह से ओबीसी आरक्षण को सिर्फ यादवों और मुस्लिमों ने खाया। जिसकी वजह से आज हमारे, पाल, प्रजापति, बिंद, केवट, मल्लाह, राजभर, निषाद, मांझी, दर्जी, तेली, फकीर, बंजारा समेत पूरा अति पिछड़ा और दलित समाज के बच्चे ईंट-गारा ढो रहे हैं, रिक्शा चला रहे हैं या ढाबों पर प्लेट धो रहे हैं।
आपकी सपा सरकार के 13 सालों में हमारी दो-दो पीढ़ियां बर्बाद हुई हैं। आपकी सरकार ने हमें कमजोर किया, जिसका असर आपके मुस्लिम और यादव समीकरण में भी दिखता है।
वही दबंगई, वही गुंडई, जो आपकी पार्टी और आपने सिखाई। हर जगह आपके गुंडे हमें मारते-पीटते हैं। मुरादाबाद और बांदा की हमारी बहनें वही झेल रही हैं। उनके साथ आपके अपने गुंडे ‘बत्तमीजी’ कर रहे हैं। धमकी दे रहे हैं।
किसी को हिन्दू होने का दर्द झेलना पड़ रहा है तो किसी को गैर यादव ओबीसी यानी कुर्मी। अखिलेश जी अगर कोई जाना चाहता है तो जाने दीजिए, कोई आपकी पार्टी छोड़ना चाहता है तो छोड़ने दीजिए।
डरा-धमकाकर कब तक किसी को रोक लेंगे? अखिलेश जी आपको दिक्कत ओम प्रकाश राजभर से है, परेशानी राजभर है तो राजभर से लड़ो न!जो करना है, मेरे साथ करो। गैर यादव ओबीसी और दलित जातियों के हित के लिए जान देने की नौबत आई तो ये ओम प्रकाश न झुकेगा और न ही रुकेगा। हम अति पिछड़ों को पिटवाना और धमकाना बंद करो अखिलेश। और गुंडई करने से आपकी पार्टी बचने वाली नहीं है, सपा टूट कर ही रहेगी। बचाना है तो पहले खुद में सुधार करिए। फिर अपनी पार्टी में।
