लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को लेकर SIT ने जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. इस रिपोर्ट में बिल्डिंग के अंदर कई खामियां पाई गई हैं. अब लोगों की नजरें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.

लखनऊ अग्निकांड में SIT की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में 22 जून को भीषण अग्निकांड हुआ था. जिसको लेकर विशेष जांच टीम (SIT) लगातार जांच कर रही है. माना जा रहा है कि आज यानी मंगलवार को टीम अपनी रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप सकती है. आपको बता दें कि इस मामले में 15 छात्रों की मौत हो गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT का गठन किया था.
कई लोगों के बयान दर्ज
मुख्यमंत्री योगी ने टीम को एक हफ्ते में जांच को पूरा करने के निर्देश दिए थे. आपको बता दें कि इस मामले में बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र शुक्ला के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी. मामले में 7 दिनों की गहन जांच के दौरान बिल्डिंग मालिक, संबंधित अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के बयानों को दर्ज किया गया. साथ ही बिल्डिंग के निर्माण, संचालन और अग्नि सुरक्षा से जुड़े हुए सभी दस्तावेजों की जांच की गई.
लिफ्ट का इस्तेमाल मुमकिन नहीं
आपको बता दें कि इस मामले की जांच के बाद SIT की रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों का जिक्र किया गया है. जांच के मुताबिक बिल्डिंग में आपातकालीन निकास के लिए लोहे की सीढ़ियों के बजाय सिर्फ लिफ्ट की व्यवस्था थी. आपको बता दें कि साथ ही एक और लिफ्ट लगाने की तैयारी भी की जा रही थी. जांच के मुताबिक आग का धुआं बिल्डिंग में भर गया, जिससे लिफ्ट का इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं था.
20 किलोवाट के बजाय 34KV बिजली का इस्तेमाल
SIT का मानना है कि फायर सेफ्टी के नियमों का पालन न करने के कारण हादसे की गंभीरता और भी बढ़ गई. मामले की जांच में सामने आया कि बिल्डिंग का निर्माण निर्धारित मानकों और अग्नि सुरक्षा नियमों के विपरीत किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग में 20 किलोवाट की स्वीकृत बिजली कनेक्शन के बजाय लगभग 34 किलोवाट का लोग इस्तेमाल किया जा रहा था.
शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा?
इस मामले में यह भी आशंका जताई जा रही है कि बिजली की ज्यादा खपत के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिसके बाद उसने भीषण आग का रूप ले लिया. हालांकि अब इस मामले को लेकर सभी की निगाहें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं. लोगों की नजरें टीम की रिपोर्ट और उसके आधार पर सरकार की कार्रवाई के ऊपर टिकी हुई हैं. SIT टीम ने अपनी जांच में कई खामियां पाई हैं.
यह भी पढ़ें- अकाल तख्त का पंजाब सरकार को बड़ा आदेश! एक महीने का दिया समय; कहा- आपने ऐसा काम किया जो…
