नई दिल्ली में विदेश मंत्री ने ‘ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी फोरम’ को संबोधित किया है. उन्होंने कहा कि भारत ने अभी तक 26 देशों के साथ में 28 प्रवास और गतिशीलता साझेदारी समझौते किए हैं.

नई दिल्ली में बोले एस. जयशंकर
राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘Human Resource Mobility Forum’ को संबोधित किया है. इस दौरान एस. जयशंकर ने कहा कि भारत व्यवस्थित सुरक्षित और कानूनी प्रवास को बढ़ावा देने के लिए पूरी दुनिया के देशों के साथ में साझेदारी को मजबूत कर रहा है. उन्होंने इस दौरान बताया कि भारत ने अभी तक 26 देशों के साथ में 28 प्रवास और गतिशीलता साझेदारी समझौते किए हैं.
कई देशों से चल रही बातचीत
उन्होंने बताया कि कई देशों के साथ में समझौतों को लेकर बातचीत चल रही है. आपको बता दें कि इस दौरान एस. जयशंकर ने अवैध प्रवास, मानव तस्करी और धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत के ऊपर फोकस किया है. उन्होंने कहा कि अवैध प्रवास और मानस तस्करी कानूनी प्रवास प्रणालियों के भरोसे को कमजोर करते हैं.
बिचौलियों से होती परेशानी- विदेश मंत्री
विदेश मंत्री ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले बिचौलिए प्रवासी श्रमिकों के शोषण का सबसे बड़ा कारण बनते हैं और उन्हें परेशानी में डालते हैं. उन्होंने इस दौरान कहा कि इस तरह के नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई करना देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है. आपको बता दें कि विदेश मंत्री का यह बयान उस समय आया है, जब अवैध प्रवास, मानव तस्करी की आवाजाही वैश्विक स्तर पर प्रमुख नीतिगत मुद्दे बन गए हैं.
यह जरूरी मुद्दा है- एस. जयशंकर
आपको बता दें कि इस दौरान एस. जयशंकर ने कहा कि ‘ह्यूमन रिसोर्स मोबिलिटी फोरम’ को संबोधित करते हुए बहुत खुशी हो रही है और मैं सभी प्रतिभागियों का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि हम लोग यहां अपने समय से सबसे जरूरी मुद्दों में से एक सीमा पार कौशल-आधारित मानव संसाधन की आवाजाही पर चर्चा करने के लिए यहां पर आए हुए हैं और यह विषय काफी जरूरी है.
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