उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही का मामला सामने आया है. दरअसल, यहां पर नवादा निवासी ओमवीर सिंह ने प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही की वजह से अपना पैर गंवाने की बात कही है. उन्होंने जिलाधिकारियों से मांग की है कि वह इस मामले पर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई कर उन्हें मुआवजा दे. उनके घर में वह अकेले ही कमाने वाले हैं.
व्यक्ति के मुताबिक, प्राइवेट अस्पताल ने इलाज के नाम पर अस्पताल से 8 लाख 20 हजार रुपये लिए. उनसे बार-बार उपचार के नाम पर पैसे लिए गए. सड़क हादसे में घायल होने के बाद में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हुए थे. डॉक्टरों ने उसने ऑपरेशन के नाम पर 7 लाख रुपये लिए थे. बाद में उनसे इंफेक्शन का हवाला देकर 1 लाख 20 रुपये ऐंठे गए. टोटल मिलाकर 8 लाख 20 हजार का खर्चा करवाया गया.
बार-बार संक्रमण का नाम लेकर पैसे लिए गए, लेकिन पूरे उपचार की कोई जानकारी नहीं दी गई है. इतने पैसे लेने के बाद अचानक ही पैर काटने की बात कह दी. बाद में उन्होंने दूसरे अस्पताल में इसका इलाज करवाया. जहां से उन्हें पता लगा कि गलत तरीके से रॉड डालने की वजह से उनके पैर में संक्रमण बढ़ गया था.
उनसे इतने पैसे लिए गए ऊपर से लापरवाही की वजह से उनके पैरों को काटना पड़ गया. पैर गंवाने से वह शारीरिक ही नहीं बल्कि आर्थिक और मानसिक तनाव दोनों से भी गुजर रहे हैं. परिवार में केवल वह ही पैसा कमाने वाले व्यक्ति थे. उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस मामले पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. साथ ही उचित मुआवजा भी उन्हें दिया जाए. मामले में जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित की थी. हालांकि, अभी तक आगे से इस मामले में कोई कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है.
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