E20 पेट्रोल को लेकर बहस थमी नहीं थी कि एक बार फिर सरकार ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार सरकार अब E20 पेट्रोल के अलावा E25, E30 और E85 जैसे एथेनॉल वाले फ्यूल पर खर्चा करने वाली है. जहां अभी E20 पेट्रोल को लेकर विवाद थमा नहीं कि ऐसे में इतने ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल को लाना लोगों के लिए चिंताजनक बनते जा रहा है.
हालांकि, सरकार जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने के मूड में नहीं है. अभी के समय की गाड़ियों के इंजन ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल को सह सकने वाले नहीं है. इसी कारण से सरकार करोड़ों गाड़ियों का रिस्क नहीं लेना चाहती है.
पुरानी गाड़ियों में क्या रिस्क है?
दरअसल, पुरानी गाड़ियों का इंजन केवल E10 के हिसाब से तैयार किया गया है. वहीं, 2023 से मार्च 2025 तक बनी गाड़ियां E20 तक को झेल सकती है. हालांकि, कई रिपोर्ट के अनुसार नई गाड़ियां भी E20 पेट्रोल के लिए बनने के बावजूद टिकाऊ नहीं है. उनके भी माइलेज पर इसका असर पड़ सकता है. देश में E20 को सह सकने वाले गाड़ियां भी उसको पूरी तरीके से सह सकने के तैयार नहीं है. इसी कारण से सरकार अपने आगे के कदमों को काफी सोच समझकर चल रही है.
एक्सपर्ट की क्या है राय?
दरअसल, विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि अगर सरकार ऐसा कुछ करने का सोच रही है तो वह पूरे नियम को एक प्लान के साथ लागू करें. यानी की लोगों को कम और ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल को चुनने का मौका दिया जाए. कई विशेषज्ञों के मुताबिक बाइक पर इस पेट्रोल का ज्यादा नुकसान देखने को नहीं मिला है. वहीं, कार में कुछ रबर पार्ट्स और जल्दी सर्विसिंग की जरूरत पड़ने की बात सामने आई है.
फिलहाल सरकार ने इसकी कोई भी अधिकारिक घोषणा नहीं की है. अगर बिना किसी प्लान के ऐसे नियम को लाया गया, तो संभावना है कि आने वाले समय में और परेशानी का सामना करना पड़े. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मंगलवार को E25 के टेस्ट की बात कही है.
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