Badrinath Mandir Controversy: उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में चंदे और चढ़ावे की हेराफेरी को लेकर चल रहा विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रूप ले चुका है. इस संवेदनशील मामले में अब बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सीधे तौर पर आमने-सामने आ गए हैं. दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग इस कदर तेज हो गई है कि वर्तमान अध्यक्ष द्वारा दी गई खुली डिबेट की चुनौती को पूर्व अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है.
नियुक्ति को लेकर छिड़ा विवाद
वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति में सबसे लंबा कार्यकाल (5 वर्ष 4 महीने) कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल का रहा है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में पुलिस की गिरफ्त में मौजूद आरोपी प्रमोद नौटियाल को नियम विरुद्ध तरीके से इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद से वैयक्तिक सहायक (PA) के पद पर तैनात करने का काम गणेश गोदियाल के कार्यकाल में ही हुआ था। द्विवेदी ने तंज कसते हुए कहा कि गोदियाल को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए.
मामले की जांचतीन एजेंसियां कर रही हैं
चढ़ावे की हेराफेरी के इस गंभीर मामले में वर्तमान में तीन अलग-अलग स्तरों पर जांच चल रही है. मंदिर समिति की चार सदस्यीय कमेटी अपनी जांच पूरी कर चुकी है. सरकार के निर्देश पर गठित हाई पावर कमेटी की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. पुलिस की जांच भी गतिमान है, जिसके तहत मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
हेमंत द्विवेदी ने गणेश गोदियाल के कार्यकाल पर कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं. जैसे दस्तावेजी फिल्म पर खर्च: वर्ष 2014 में आपदा राहत मद से नियम विरुद्ध तरीके से ₹12 लाख दिल्ली की एक कंपनी को डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के लिए दिए गए. गैर-अधीनस्थ मंदिर को फंड: करीब ₹29 लाख एक ऐसे मंदिर को दिए गए जो बीकेटीसी के अधीन ही नहीं आता है.
मंदिर के पैसों का उपयोग टिहरी में हल्का मोटर वाहन मार्ग बनाने के लिए किया गया, जो नियम विरुद्ध था. साथ ही यात्रिक शेड के लिए स्वीकृत बजट को भी सड़क निर्माण में डायवर्ट किया गया.इन आरोपों के मद्देनजर वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के दायरे में गणेश गोदियाल का कार्यकाल भी आना चाहिए और इसकी सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए.
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