Bullet Train India 2027: देश की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से सूरत से वापी के बीच दौड़ना शुरू करेगी, अहमदाबाद-मुंबई रूट पर सफर केवल दो घंटे 17 मिनट में पूरा होगा. रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की भी जानकारी दी, जो गुवाहाटी-कोलकाता रूट पर जनवरी से चलने के लिए तैयार है.

Bullet Train India 2027: देशवासियों के बुलेट ट्रेन का सपना जल्द सच होने जा रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए साल के पहले दिन यह बड़ी खुशखबरी दी कि 15 अगस्त 2027 से देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुलेट ट्रेन की सवारी के लिए अभी से टिकट खरीद लेना चाहिए. पहले चरण में यह ट्रेन सूरत और वापी के बीच 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.
देश की पहली बुलेट ट्रेन अहमदाबाद और मुंबई के बीच चलेगी. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद 508 किलोमीटर की दूरी सिर्फ दो घंटे 17 मिनट में पूरी की जा सकेगी. बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का लगभग 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में इसका मील का पत्थर देखा है. इस ट्रेन से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि यह भारत की बदलती तकनीक और प्रगति का प्रतीक भी बनेगी.
पूरे रूट में 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा व नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में आएगा. इसे नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड जापान के सहयोग से बना रहा है. ट्रेन जापान की शिंकानसेन हाई-स्पीड ट्रेन की तरह चलेगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. अहमदाबाद, वड़ोदरा, भड़ूच, सूरत, वापी, ठाणे और मुंबई जैसे कुल 12 स्टेशन इसके मार्ग में शामिल होंगे। कुल 465 किलोमीटर एलिवेटेड लाइन का काम भी शुरू हो चुका है.
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल पूरा हो गया है. यह गुवाहाटी और कोलकाता के बीच 18-19 जनवरी से चल सकती है. ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 16 कोचों के साथ 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ ली थी. इसका किराया एसी तृतीय कोच में लगभग 2300 रुपये हो सकता है, जबकि फर्स्ट एसी का किराया 3600 रुपये तक होगा.
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के साथ ही भारत हाई-स्पीड रेल में दुनिया के अग्रणी देशों के साथ खड़ा होगा. चीन, जापान, फ्रांस, जर्मनी और दक्षिण कोरिया में पहले से बुलेट ट्रेनें चल रही हैं. देश की नई बुलेट ट्रेन और वंदे भारत स्लीपर से यात्रा तेज, आरामदायक और सुरक्षित होगी. 2027 और 2030 के कामनवेल्थ गेम्स तक यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद है.
