Datia assembly bypoll election result: दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार और नरोत्तम मिश्रा के बूथ पर पिछड़ने के बाद बीजेपी ने समीक्षा के लिए दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है.

Datia assembly bypoll election result: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) हरकत में आ गई है. हार की असल वजहों का पता लगाने के लिए पार्टी ने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस कमेटी का ऐलान किया. इस समिति में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को शामिल किया गया है. यह समिति उपचुनाव के नतीजों की बारीकी से पड़ताल करेगी और हार के कारणों की तह तक जाएगी.
ज़िम्मेदार नेताओं से होगी सीधी बात
यह जांच समिति उपचुनाव में तैनात रहे पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय वरिष्ठ नेताओं से सीधी बातचीत करेगी. कमेटी हर एक पहलू पर विस्तृत विश्लेषण तैयार करेगी कि आखिर पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक क्यों नहीं रहा. पूरी जांच प्रक्रिया और नेताओं की राय जानने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. यह रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को सौंपी जाएगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर बीजेपी आगे की रणनीति और संगठन में जरूरी बदलाव तय करेगी.
क्यों हुआ था दतिया में उपचुनाव
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने के कारण हुआ था. धोखाधड़ी से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली की अदालत ने उन्हें सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी. सीट खाली होने पर 30 जुलाई को मतदान कराया गया. कांग्रेस ने एक बार फिर घनश्याम सिंह पर अपना दांव लगाया. वहीं बीजेपी ने अपने पुराने दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था.
नया प्रत्याशी उतारना पड़ा भारी
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को चुनाव हराया था. इस बार उपचुनाव में बीजेपी ने नया प्रयोग करते हुए प्रत्याशी बदल दिया. पार्टी को उम्मीद थी कि नया चेहरा आशुतोष तिवारी सीट वापस जिता देगा, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया. अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि प्रत्याशी बदलना बीजेपी को भारी पड़ा. हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने चुनाव प्रचार में पार्टी के लिए पूरी ताकत झोंकी थी.
अपने ही मजबूत बूथ पर पिछड़ी बीजेपी
दतिया उपचुनाव के नतीजों में एक हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आया है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के अपने बूथ नंबर-121 पर भी बीजेपी पिछड़ गई. इस बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी को 291 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार को महज 264 वोट मिले. अपने ही गढ़ में पिछड़ने से यह सवाल उठने लगा है कि क्या बीजेपी अपने पुराने वोट बैंक को साधने में नाकाम रही. स्थानीय स्तर पर पार्टी के अंदर भीतरघात की चर्चाएं भी काफी तेज हो गई हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का क्या है मानना
राजनीतिक विश्लेषक रिजवान अहमद सिद्दीकी का मानना है कि दतिया में बीजेपी की हार की सबसे बड़ी वजह प्रत्याशी बदलना रहा. वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं में नए चेहरे को लेकर उस तरह का उत्साह नहीं दिखा. इसके अलावा भीतरघात और अपनों की नाराजगी ने भी पार्टी का खेल बिगाड़ा. अब बीजेपी की यह जांच समिति इन्हीं सारे बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करेगी, ताकि आने वाले चुनावों में ऐसी गलतियों से बचा जा सके.
