samrat choudhary bihar cm: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार के 150 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. इसमें 700 मॉडल स्कूल, एक दिन में 211 डिग्री कॉलेज खोलने और ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए 24 घंटे ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध कराने की उपलब्धियां शामिल हैं.

samrat choudhary bihar cm: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी सरकार का कामकाज सामने रखा. उन्होंने एनडीए सरकार के शुरुआती 150 दिनों का पूरा हिसाब-किताब दिया. इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य में 700 मॉडल स्कूल तैयार कर लिए गए हैं. इसके अलावा एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए हैं. उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए करीब 1000 एकड़ जमीन भी तय की गई है. उनका सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि साल 2030 तक बिहार के किसी भी युवा को पढ़ाई या काम के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े.
मॉडल स्कूलों में नीट की तैयारी और बेहतर सुविधाएं
बिहार के मॉडल स्कूलों की सूरत अब तेजी से बदल रही है. इन 700 मॉडल स्कूलों में इस समय करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. पहले राज्य के गरीब और मध्य वर्ग के बच्चों का सपना नेतरहाट, सैनिक स्कूल या देवघर के नामचीन स्कूलों में पढ़ने का होता था. अब वही पढ़ाई और माहौल इन मॉडल स्कूलों में दिया जा रहा है. यहाँ अनुभवी शिक्षकों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही नीट जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की पूरी व्यवस्था भी स्कूलों में ही मिल रही है.
विद्यार्थी साथी ऐप से रात में भी होगी पढ़ाई
विद्यार्थियों की मदद के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप शुरू किया है. इस ऐप की खासियत यह है कि अगर कोई छात्र रात को 1 बजे भी पढ़ना चाहे, तो उसे तुरंत शिक्षक मिल जाता है. ऐप पर ओटीपी से लॉगिन करते ही एक मिनट के भीतर टीचर जुड़ जाते हैं. यह सेवा दिन-रात चौबीसों घंटे चालू रहती है. आंकड़े बताते हैं कि रोजाना औसतन डेढ़ लाख बच्चे देर रात इस ऐप से पढ़ाई करते हैं. रविवार को यह संख्या बढ़कर 2 लाख तक पहुँच जाती है.
एक ही दिन में खुले 211 नए डिग्री कॉलेज
बिहार की उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव का दावा किया गया है. आजादी के 80 सालों में पूरे राज्य में केवल 272 डिग्री कॉलेज ही बन पाए थे. ब्लॉक स्तर पर कॉलेजों की भारी कमी थी. इस कमी को दूर करने के लिए 15 जुलाई को एक ही दिन में 211 नए डिग्री कॉलेज खोले गए. शिक्षकों की कमी न हो, इसके लिए 25 जून से भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई. रिकॉर्ड एक महीने के अंदर शिक्षकों की बहाली और पोस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया. कई लोग मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली की नौकरियां छोड़कर बिहार में पढ़ाने लौटे हैं.
उद्योगों के लिए जमीन और बढ़ता बजट
बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उद्योगों पर ध्यान दिया जा रहा है. सरकार ने करीब 13 हजार एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है. झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के राजस्व पर बड़ा असर पड़ा था. आज झारखंड का कुल बजट 1.39 लाख करोड़ रुपये है, जबकि बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है. राज्य में बड़े पैमाने पर नए कारखाने लगाने और निवेश लाने की कोशिशें जारी हैं.
बिजली और सब्सिडी पर बड़ा खर्च
बिहार इस समय सबसे ज्यादा सब्सिडी देने वाले राज्यों में शामिल है. सरकार हर साल केवल बिजली पर 23 हजार करोड़ रुपये की भारी सब्सिडी दे रही है. राज्य के 1 करोड़ 92 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त मिल रही है. इसके साथ ही किसानों को खेती के लिए बहुत सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है. किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली देने के लिए सरकार करीब 6 हजार करोड़ रुपये खुद खर्च करती है.
