nashik 55 trees cut for hoardings: नासिक के गंगापुर रोड पर विज्ञापन बोर्ड साफ दिखाने के लिए रात में 55 पेड़ काट दिए गए. पुलिस ने 10 हजार रुपये की सुपारी देकर पेड़ कटवाने वाले एड एजेंसी के मालिक और 5 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 दिन की कस्टडी में भेज दिया है.

nashik 55 trees cut for hoardings: महाराष्ट्र के नासिक से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ गंगापुर रोड पर विज्ञापन के होर्डिंग्स साफ दिखाने के लिए रात के अंधेरे में 55 हरे-भरे पेड़ काट दिए गए. जेहान सर्कल से बेंडकुले नगर के बीच सड़क के डिवाइडर पर लगे इन पेड़ों की उम्र करीब 8 से 12 साल थी. मामला सामने आते ही गंगापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई. पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए विज्ञापन एजेंसी के मालिक समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
विज्ञापन बोर्ड चमकाने के लिए सिर्फ 10 हजार में सौदा
पुलिस की शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है. सड़क के बीच स्ट्रीट लाइटों पर डबल विज्ञापन बोर्ड लगे हुए थे. बड़े हो रहे पेड़ इन विज्ञापनों के सामने आ रहे थे और गाड़ियों में जाने वालों को बोर्ड दिख नहीं रहे थे. विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर मच्छिंद्र देशमुख ने होर्डिंग्स को साफ दिखाने के लिए पेड़ों को ही कटवाने की साजिश रची. इसके लिए अभिमन्यु खैरनार नाम के शख्स को केवल 10 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी.
रात 2 बजे कटर लेकर पहुँचे और 55 पेड़ काट डाले
पैसे मिलने के बाद 30 अगस्त की तड़के रात करीब 2 बजे से पौने 4 बजे के बीच इस वारदात को अंजाम दिया गया. महज पौने दो घंटे के भीतर कटर की मदद से डिवाइडर पर लगे 55 फलते-फूलते पेड़ काट गिराए गए. ये पेड़ नासिक नगर निगम की तरफ से लगाए गए थे ताकि सड़क पर हरियाली, सुंदरता और छाया बनी रहे. सुबह जब स्थानीय लोगों ने सड़क पर कटे पड़े पेड़ देखे, तो हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई.
एड एजेंसी के डायरेक्टर समेत 6 आरोपी पहुँचे जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की. पुलिस ने एड एजेंसी के डायरेक्टर मच्छिंद्र देशमुख, अभिमन्यु खैरनार और उनके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अलावा वृक्ष संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाली सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है. कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
कुंभ मेले के बीच पेड़ों की कटाई से गरमाया माहौल
नासिक में आने वाले कुंभ मेले के विकास कार्यों को लेकर पहले से ही पेड़ों की कटाई पर भारी विवाद चल रहा है. यह मुद्दा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुँचा हुआ है. ऐसे माहौल में विज्ञापन चमकाने के लिए रात में 55 पेड़ काटे जाने से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है. लोग नगर निगम की ढिलाई और एड एजेंसियों की इस हरकत पर सवाल उठा रहे हैं.
पुलिस अब खंगाल रही है पूरा नेटवर्क
मामले पर डीसीपी मोनिका राउत ने बताया कि नगर निगम के डिवाइडर पर लगे पेड़ों को काटने की लिखित शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी. विज्ञापन बोर्ड छुपाने की वजह से ही यह कदम उठाया गया था. पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या इसमें नगर निगम का भी कोई कर्मचारी शामिल था. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस एड एजेंसी ने शहर में कहीं और तो ऐसे पेड़ नहीं कटवाए हैं.
