Randhir Jaiswal MEA press briefing: पाकिस्तान द्वारा सीमा पर चीन की बनी 250 ‘एसएच-15’ हॉवित्जर तोपों की तैनाती पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी और सख्त कदम उठाएगा.

Randhir Jaiswal MEA press briefing: पाकिस्तान ने भारत से लगती सीमा पर चीन की बनी लगभग 250 ‘एसएच-15’ सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपों की तैनाती की है. इस बड़ी सैन्य हलचल पर भारत सरकार ने अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि देश की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए भारत हर जरूरी कदम उठाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. भारतीय सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह चौकस है.
ऑपरेशन सिंदूर की दिलाई याद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान को उसकी पुरानी हार की याद दिलाई. उन्होंने कहा कि मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था. भारत का रुख हमेशा से साफ रहा है कि सीमा पार से आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. देश के राष्ट्रीय हितों और नागरिकों की रक्षा के लिए जो भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे, वे बिना हिचकिचाहट उठाए जाएंगे.
चीन की मदद से तोपखाने को सुधारने में जुटा पाकिस्तान
पाकिस्तान की यह नई तैनाती असल में उसकी पुरानी कमजोरी को छिपाने की कोशिश है. मई 2025 के युद्ध में पाकिस्तान के तोपखाने को बहुत भारी नुकसान पहुंचा था. अपनी इसी नौबत को सुधारने के लिए पाकिस्तानी सेना ने चीन की कंपनी नोरिंको (Norinco) से ये 250 तोपें खरीदी हैं. यह कदम दिखाता है कि चीन और पाकिस्तान मिलकर भारत के खिलाफ अपना रक्षा नेटवर्क मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए हैं.
चीन से मिली इन तोपों में क्या है खास
चीन की यह ‘एसएच-15’ तोप 6×6 बख्तरबंद ट्रक पर बनी एक अत्याधुनिक तोप प्रणाली है. यह सड़क पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है. यह तोप 53 से 72 किलोमीटर तक अपने रॉकेट वाले गोले आसानी से दाग सकती है. इसमें ऑटोमैटिक कंट्रोल और हाइड्रोलिक सिस्टम लगा हुआ है. इससे यह तोप गोला दागने के तुरंत बाद अपनी जगह बदलकर दुश्मनों की रडार और जवाबी हमले से बच निकलने में माहिर है.
पाकिस्तान के सामने आर्थिक चुनौतियां भी बड़ी
यह नई तोप प्रणाली सीमा के पास बने भारतीय सैन्य ठिकानों को अपनी सीमा में लेती है. भारत के पास भले ही ‘के-9 वज्र’ जैसी मजबूत ट्रैक्ड तोपें हैं, लेकिन पाकिस्तान की यह तोप तेजी से आ-जा सकती है. हालांकि, पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए इतनी बड़ी संख्या में इन महंगी तोपों का रखरखाव कर पाना आसान नहीं होगा. इसके खर्च से पाकिस्तान के बजट पर बहुत भारी बोझ पड़ेगा.
पीओके में पाकिस्तान के जुल्मों की खुली पोल
अपनी ब्रीफिंग में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) का मुद्दा भी पुरजोर ढंग से उठाया. रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में हाल ही में कराए गए स्थानीय चुनाव सिर्फ एक ढोंग थे. जून से अब तक पाक सेना ने वहां के लगभग 90 आम नागरिकों की जान ले ली है. पाकिस्तान की सरकार वहां के लोगों की आवाज को दबाने के लिए गोलियों, इंटरनेट ब्लैकआउट और दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है.
