Saudi Arabia Deports Pakistanis: इस लेख में जानिए सऊदी अरब समेत 6 खाड़ी देशों द्वारा 20,000 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने की मुख्य वजहें और पाकिस्तान पर इसके असर के बारे में.

Saudi Arabia Deports Pakistanis: पाकिस्तान को अपने ही करीबी खाड़ी देशों से बड़ा झटका लगा है. सऊदी अरब समेत खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह देशों ने 20 हजार से ज्यादा पाकिस्तानियों को अपने मुल्क से बाहर निकालकर वापस भेज दिया है. यह आंकड़ा मार्च से जुलाई के बीच का है और इसे खुद पाकिस्तान सरकार ने जारी किया है. इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई सऊदी अरब ने की है. वहां से हजारों पाकिस्तानियों को निकाल दिया गया है.
सऊदी अरब ने निकाला सबसे ज्यादा
खाड़ी देशों में सऊदी अरब, यूएई, ओमान, बहरीन, कतर और कुवैत शामिल हैं. इन देशों में लाखों पाकिस्तानी मजदूर और नौकरीपेशा लोग काम करते हैं. जारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले सऊदी अरब से ही 15,500 पाकिस्तानियों को बाहर किया गया है. इसके अलावा यूएई से करीब 3,800 और ओमान से 1,600 से ज्यादा लोगों को निकाला गया है. बाकी देशों से भी सैकड़ों लोगों को वापस भेजा गया है.
डिपोर्ट करने के पीछे की वजहें
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों को अलग-अलग वजहों से निकाला गया है. कई लोग बिना सही कागजात के अवैध तरीके से रह रहे थे. कुछ का वीजा खत्म हो चुका था. इसके अलावा ड्रग्स तस्करी, भीख मांगने और अपराधों में शामिल होने की वजह से भी कार्रवाई हुई है. कई लोगों को फरार घोषित किया गया था, जबकि कुछ को जेल काटने के बाद वापस भेजा गया है.
ईरानी हमलों के वीडियो बनाना पड़ा भारी
निकाले जाने की एक सबसे बड़ी वजह सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही भी रही. खाड़ी देशों में ईरान के हमलों से जुड़े वीडियो बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर डालने के आरोप में कई पाकिस्तानियों को पकड़ा गया. बहरीन में तो ऐसे ही एक मामले में पांच पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया गया था. उस समय खाड़ी देश सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा सख्त थे और ऐसे वीडियो डालना नियमों के खिलाफ था.
सरकारी इमरजेंसी डॉक्यूमेंट से हुई वापसी
पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने इस मामले पर जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि ये आंकड़े उन लोगों के हैं जिन्हें वहां के प्रशासन ने पकड़ा और डिपोर्ट किया. इन लोगों के पास लौटने के लिए कागजात नहीं थे, इसलिए पाकिस्तानी दूतावास ने इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जारी किए. जो लोग अपने पासपोर्ट पर खुद वापस आए हैं, वे इस आंकड़े में शामिल नहीं हैं.
अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ेगा बुरा असर
खाड़ी देशों से इतनी बड़ी संख्या में लोगों का निकाला जाना पाकिस्तान के लिए बड़ा संकट है. इन देशों से आने वाला पैसा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को संभालने में बड़ी मदद करता है. अब हजारों लोगों के रोजगार छिनने से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा. साथ ही वहां काम कर रहे बाकी पाकिस्तानियों के भविष्य और प्राइवेसी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
