Digvijay Bhati Meerut Incident: इस खबर में जानिए मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस की कथित बर्बरता, एसएसपी पर हुई कार्रवाई और डीआईजी जांच से जुड़ी पूरी खबर.

Digvijay Bhati Meerut Incident: उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. इस गंभीर मामले को देखते हुए एडीजी ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच का जिम्मा सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह को सौंपा गया है. वहीं, विवाद बढ़ता देख शासन ने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को उनके पद से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया है.
किसान नेता ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में किसान नेता दिग्विजय भाटी ने तत्कालीन एसएसपी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वे एक मुकदमे में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एसएसपी कार्यालय गए थे. आरोप है कि एसएसपी के दफ्तर में उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई. इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें एसओजी दफ्तर और थाने ले गए, जहां दोबारा बेरहमी से पीटा गया.
पुलिस ने आरोपों को बताया झूठा
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी कर किसान नेता के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. पुलिस का कहना है कि दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव दोनों ही अपने इलाकों के हिस्ट्रीशीटर हैं. पुलिस के मुताबिक, दफ्तर से वापस लौटते समय उनकी स्कूटी फिसल गई थी, जिससे वे गिरकर चोटिल हो गए. पुलिस का यह भी दावा है कि दोनों ने खुद ही थाने में हादसा होने की लिखित जानकारी दी थी.
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. पार्टी का आरोप है कि किसान नेता को कमरे में बंद करके घंटों टॉर्चर किया गया और उनका अपमान किया गया. किसान नेता की आंख पर आई गंभीर चोटें पुलिस की कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े करती हैं.
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने की जांच की मांग
नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी इस मामले में नाराजगी जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुलिस हिरासत में इस तरह की बर्बरता वर्दी की ताकत का गलत इस्तेमाल है. चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है.
डीआईजी करेंगे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सहारनपुर के डीआईजी पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं. वे पीड़ित पक्ष के दावों, पुलिस की जनरल डायरी (GD) की एंट्री और मौके के सबूतों की जांच करेंगे. इस जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि एसएसपी कार्यालय में उस दिन असल में क्या हुआ था और कौन-कौन से अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं.
