Varanasi Murder Case: इस खबर में वाराणसी के सिगरा में पिटाई का बदला लेने के लिए दोस्त द्वारा की गई ईशू की बर्बर हत्या, यूट्यूब देखकर शव के 5 टुकड़े करने और पुलिस द्वारा इसका पर्दाफाश करने की पूरी कहानी बताई गई है.

Varanasi Murder Case: वाराणसी के सिगरा इलाके में दोस्ती को तार-तार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है. यहाँ एक 19 साल के युवक ईशू कन्नौजिया की उसके ही सबसे करीबी दोस्त ने बेहद बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या करने के बाद आरोपियों ने शव के 5 टुकड़े किए और उसे प्लास्टिक की बोरी में भरकर गोबर के गड्ढे में छिपा दिया. पुलिस ने पूरी वारदात का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
3 अगस्त की पिटाई का लिया बदला
पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली है. मुख्य आरोपी प्रदीप ने बताया कि बीते 3 अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू ने उसकी पिटाई कर दी थी. इस मारपीट से प्रदीप का स्वाभिमान आहत हुआ था. उसने अपने दोस्त ईशू से इस बात का बदला लेने की खतरनाक साजिश रची. उसने इस खौफनाक वारदात में अपने सगे भाई रामकृष्ण और एक अन्य दोस्त रोहित को भी शामिल कर लिया.
शराब पिलाकर चापड़ से काटा गला
तीनों आरोपियों ने प्लानिंग के तहत 6 अगस्त की रात ईशू को मिलने के बहाने बुलाया. अगले दिन यानी 7 अगस्त को वे उसे एक सुनसान और खंडहरनुमा रेलवे क्वार्टर में ले गए. वहाँ उन्होंने पहले ईशू को काफी शराब पिलाई. जब ईशू पूरी तरह नशे में धुत हो गया, तो दो दोस्तों ने उसे मजबूती से पकड़ लिया. इसके बाद प्रदीप ने धारदार चापड़ से उस पर हमला कर दिया और उसका सिर धड़ से अलग कर दिया.
यूट्यूब देखकर शव के किए 5 टुकड़े
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं. उन्होंने यूट्यूब पर शव को ठिकाने लगाने के तरीके खोजे. फिर उसी हिसाब से ईशू के शव के 5 टुकड़े कर दिए. शव से उठने वाली बदबू से बचने के लिए उन्होंने सभी टुकड़ों को एक प्लास्टिक की बोरी में भरा. इसके बाद बोरे को गांव के पास स्थित गोबर के गड्ढे में गहराई में दबा दिया ताकि किसी को शक न हो.
सीडीआर और सीसीटीवी से खुला राज
ईशू के 6 अगस्त से गायब होने के बाद परिजनों ने 17 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब गुमशुदगी की जांच शुरू की तो मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) खंगाली गई. कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि ईशू की आखिरी बार बात प्रदीप से ही हुई थी. इसके साथ ही इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी पुलिस को अहम सुराग मिले. पुलिस ने जब संदेही प्रदीप को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरा सच उगल दिया.
गोबर के गड्ढे से बरामद हुए अवशेष
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची और गोबर के गड्ढे से ईशू का क्षत-विक्षत शव बरामद किया. पुलिस ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपी प्रदीप, उसके भाई रामकृष्ण और साथी रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई में जुटी है.
