Chitrakoot Flood News 2026: चित्रकूट में मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर 134.02 सेमी पहुँचकर 23 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ गया, जिसके बाद एनडीआरएफ और हेलीकॉप्टर की मदद से राहत-बचाव अभियान जारी है.

Chitrakoot Flood News 2026: उत्तर प्रदेश के धर्मनगरी चित्रकूट जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर प्रचंड रूप ले चुका है. चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के मुताबिक नदी ने पिछले 23 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. साल 2003 में नदी का जलस्तर 134 सेंटीमीटर तक पहुंचा था, जो इस बार बढ़कर 134.02 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है. नदी में आए इस उफान की वजह से यूपी और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित विश्वप्रसिद्ध रामघाट पूरी तरह डूब गया है. घाटों पर बनी सैकड़ों दुकानें, मठ और कई प्राचीन मंदिर जलमग्न हो चुके हैं. पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए छतों पर शरण लिए हुए हैं.
रामघाट जलमग्न, हनुमानधारा मार्ग का पुल उफान में बहा
मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप देखने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई है. रामघाट से हनुमानधारा जाने वाले रास्ते पर बना एक बड़ा पुल नदी के प्रचंड वेग में बह गया. इस तबाही के कारण चित्रकूट का मध्य प्रदेश के सतना जिले से संपर्क पूरी तरह कट गया है. जिन सड़कों पर कल तक गाड़ियां और श्रद्धालु चला करते थे, वहां आज नावें चल रही हैं. उत्तर प्रदेश के तरौंहा, गोबरिया और बहादुर जैसे कई ग्रामीण इलाके बाढ़ के पानी से बुरी तरह घिर गए हैं. गांवों में पानी घुसने के कारण हजारों की आबादी प्रभावित हुई है और लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं.
प्रशासनिक लाउडस्पीकर से रातभर चेतावनी, बस्तियों को कराया खाली
बाढ़ के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बेहद मुस्तैदी दिखाई है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि पानी का स्तर बढ़ते ही रात में ही प्रशासनिक टीमों ने अलर्ट जारी कर दिया था. लाउडस्पीकर के माध्यम से तटीय इलाकों में अनाउंसमेंट कराकर लोगों को सतर्क किया गया. समय रहते बस्तियों को खाली करा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया. प्रशासन ने बाढ़ से प्रभावित हुए परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं. इन शिविरों में शरणार्थियों के ठहरने, शुद्ध पीने के पानी और भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी राहत शिविरों में डॉक्टरों के साथ तैनात हैं.
नाव और हेलीकॉप्टर से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत कार्य चलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश प्रशासन ने अत्यंत संवेदनशील इलाकों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली. हेलीकॉप्टर के जरिए छतों पर फंसे कई लोगों को सुरक्षित एअरलिफ्ट किया गया. वहीं दूसरी तरफ जहां पानी थोड़ा शांत है, वहां नावों के जरिए लोगों को निकाला जा रहा है. आपदा से निपटने के लिए NDRF की 4, SDRF की 4 और पीएसी (PAC) की 2 टीमों को मैदान में उतारा गया है. इसके अतिरिक्त 10 अन्य आपातकालीन टीमों को भी जरूरत के हिसाब से तैनात करने के लिए बैकअप में रखा गया है.
मंदाकिनी पुल डूबा, नेशनल हाईवे-35 पर यातायात ठप
मंदाकिनी नदी का पानी कर्वी शहर के पास बने मुख्य पुल के ऊपर से बहने लगा है. इसके चलते सुरक्षा कारणों से झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे (NH-35) पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है. नेशनल हाईवे बंद होने से पुल के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया. पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई भी वाहन चालक खतरे वाले पानी में न उतरे. प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जब तक नदी का जलस्तर कम नहीं होता, वे बाढ़ वाले इलाकों का रुख न करें.
यूपी और एमपी प्रशासन अलर्ट मोड पर, स्थिति पर पैनी नजर
चूंकि चित्रकूट यूपी और एमपी दोनों राज्यों की सीमा पर बसा हुआ है, इसलिए दोनों राज्यों का प्रशासनिक अमला मिलकर काम कर रहा है. अधिकारी लगातार संवेदनशील इलाकों का दौरा कर रहे हैं और कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है. मौसम विभाग की ओर से आने वाले घंटों में भी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. राहत दलों के जवान नावों और रेस्क्यू किट के साथ पूरी रात गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके.
