General MM Naravane Statement: पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर में घुसकर आतंकी नेटवर्क को तबाह किया है.

General MM Naravane Statement: पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह सैन्य कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में आए एक ऐतिहासिक और निर्णायक बदलाव को दर्शाती है. पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के जवाब में शुरू किए गए इस सैन्य अभियान ने पूरी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि भारत विरोधी आतंकवादियों और उनके आकाओं को अब कहीं भी शरण नहीं मिलेगी. पूर्व सेना प्रमुख के इस बयान से साफ है कि भारत अब रक्षात्मक रुख छोड़कर दुश्मनों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
उरी और बालाकोट से आगे बढ़कर पाकिस्तान के भीतर हुई कार्रवाई
गुजरात के वडोदरा में एक निजी कार्यक्रम के दौरान जनरल नरवणे ने भारतीय सेना के पराक्रम की खुलकर बात की. उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीत में उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भारत का जवाब मुख्य रूप से नियंत्रण रेखा (LoC) के आसपास ही सीमित था. लेकिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों ने नियंत्रण रेखा पार कर मुरीदके और बहावलपुर जैसे पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में तबाही मचाई. सेना ने सीधे उन ठिकानों को ध्वस्त किया, जहां से आतंकियों को संरक्षण, ट्रेनिंग और रसद मुहैया कराई जा रही थी.
दुश्मन के घर में घुसकर हमला करने का भारत का संकल्प
पूर्व सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस मजबूत बयान को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अब अपनी रक्षा के लिए दुश्मन के घर में घुसकर उसे बेअसर करने की क्षमता रखता है. जनरल नरवणे के अनुसार, भारत ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए आतंकियों के आकाओं को निशाना बनाया है. इस कार्रवाई से पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी नेटवर्क की कमर पूरी तरह टूट गई है. भारत का यह रुख दिखाता है कि देश अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
पाकिस्तान में भारत से मुकाबला करने की क्षमता नहीं
सर क्रीक सेक्टर में पाकिस्तान की ‘ऑपरेशन अबाबील’ से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों पर पूछे गए सवाल का भी जनरल नरवणे ने सटीक जवाब दिया. उन्होंने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान की हर हरकत पर भारतीय सेना की पैनी नजर बनी हुई है. उन्होंने कहा कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद है और सही समय पर सही जवाब देगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान भारत का मुकाबला कर सकता है, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के पास ऐसी कोई क्षमता नहीं है.
भारत-चीन सीमा विवाद और बातचीत का दौर
भारत और चीन के रिश्तों पर बात करते हुए जनरल नरवणे ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि विशेष प्रतिनिधि स्तर की यह 25वें दौर की बातचीत थी, जो लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में एक सामान्य प्रक्रिया है. पूर्व सेना प्रमुख ने साफ किया कि नक्शे और जमीन पर सीमा का सटीक सीमांकन न होने के कारण विवाद पैदा होते हैं. इसलिए बातचीत के जरिए शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए जरूरी कदम है.
थिएटर कमांड का गठन एक पुरानी और जरूरी प्रक्रिया
सशस्त्र बलों के थिएटराइजेशन और प्रस्तावित थिएटर कमांड को लेकर जनरल नरवणे ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं को एक साथ मिलाकर थिएटर कमांड बनाने पर चर्चा कारगिल युद्ध के बाद ही शुरू हो गई थी. यह कोई रातों-रात लिया गया नया फैसला नहीं है, बल्कि एक पुरानी और निरंतर चलने वाली सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में थिएटर कमांड के लागू होने से भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना की संयुक्त मारक क्षमता में कई गुना इजाफा होगा.
