दिल्ली में आबकारी विभाग ने 2 हजार से ज्यादा जब्त किए गए वाहनों की नीलामी कर दी है. इस नीलामी से विभाग ने 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व इकठ्ठा किया है. जानकारी के मुताबिक इसके साथ ही विभाग ने 5 हजार से ज्यादा लंबित लैब मामलों का निस्तारण भी किया है.
दिल्ली आबकारी विभाग के स्तर पर दो बड़ी उपलब्धियां हासिल की गई हैं. सरकार का दावा है कि सुशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की दिशा में विभाग ने दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत जब्त 2,000 से ज्यादा वाहनों की सार्वजनिक नीलामी कर सरकार के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया है. वहीं, आबकारी नियंत्रण प्रयोगशाला में लंबे समय से लंबित 5,000 से ज्यादा रासायनिक विश्लेषण मामलों का भी निस्तारण कर दिया गया है.
लंबे समय से खड़े वाहन
दिल्ली सरकार के मुताबिक कई सालों से पुलिस थानों के बाहर, थाना परिसरों और सार्वजनिक जमीन पर खड़े जब्त वाहनों के कारण जगह घिरी हुई थी. जानकारी के मुताबिक विशेष निस्तारण अभियान के तहत इन सभी वाहनों की जब्ती और सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया
5 करोड़ का राजस्व प्राप्त
जानकारी के मुताबिक इससे एक ओर जब्त वाहनों के लगातार घटते मूल्य को रोकने में मदद मिली, वहीं दूसरी ओर सरकारी खजाने को 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व भी प्राप्त हुआ है. वाहनों के हटने से पुलिस थानों और सार्वजनिक भूमि पर भी जगह खाली हुई है. बचे हुए जब्त वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी जारी रहेगी.
5 हजार से ज्यादा मामले खत्म
आपको बता दें कि आबकारी नियंत्रण प्रयोगशाला में पुलिस मामलों से जुड़े 5,000 से ज्यादा पुराने रासायनिक विश्लेषण मामले लंबे समय से लंबित थे. अब विभाग ने इन सभी मामलों का निस्तारण करके सक्रिय लंबित मामलों की संख्या शून्य कर दी है.
रिपोर्ट तैयार करने में आयी तेजी
पहले जब्त शराब के नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट आने में कई साल तक लग जाते थे. इससे पुलिस जांच के साथ-साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया में भी देरी होती थी. दिल्ली सरकार के मुताबिक लंबे समय से खाली पदों पर कर्मचारियों की भर्ती और प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के बाद अब रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आई है. अब जिन रिपोर्टों के लिए सालों तक इंतजार करना पड़ता था, वे कुछ ही दिनों में तैयार की जा रही हैं.
