वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के शिष्य की मौत मामला अब गहराता जा रहा है इस मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है अभी तक क़रीब 50 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं.
वृंदावन के मशहूर संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को हुई संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच गहराती जा रही है. अब पुलिस की पड़ताल का दायरा केवल वृंदावन के श्रीहित राधा केलीकुंज आश्रम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मांट क्षेत्र स्थित यमुना विहार कुंज के नए आश्रम तक भी पहुंच गया है. मामले के लिए पुलिस प्रशासन ने 7 विशेष टीमें गठित की हैं. जांच की कमान 3 सीओ और 3 इंस्पेक्टरों को सौंपी गई है. पुलिस की टीमें घटना से पहले और बाद की सभी गतिविधियों, मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों और आश्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बिंदुवार साक्ष्य जुटा रही हैं.
50 लोगों से हो चुकी पूछताछ
आपको बता दे कि जांच के सिलसिले में पुलिस अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है. इनमें रसिक दुलारी के साथ रहने वाले साधक, परिचित, और आश्रम से जुड़े शिष्य शामिल हैं. इसके अलावा, रसिक दुलारी के साथ बिजली का काम करने वाले मिस्त्री और उनके परिजनों से भी जानकारियां इकट्ठा की जा रही हैं.
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे सबूत
जानकारी के मुताबिक़ इस मामले में पुलिस आश्रम परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है. सामने आए कुछ फुटेज में रसिक दुलारी शरण छत पर नजर आ रहे हैं और बाद में नीचे गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, घटना के ठीक पहले के माहौल को समझने के लिए अन्य एंगल के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी जा रही है. घटना के बाद मौके से मिले मोबाइल फोन, ग्राइंडर, खून के नमूने और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस को अब विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है.
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार
हालांकि शुरुआती पुलिस जांच में इस घटना को आत्महत्या के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन मौत के पीछे के असल कारणों और परिस्थितियों पर अब भी सवाल खड़े हैं. सीओ वृंदावन संदीप कुमार ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फॉरेंसिक साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़कर पूरी घटना का सच सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है. FSL रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी तस्वीर साफ हो सकेगी.
