उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायकों का फोन न उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान किया है. उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री को पूर्व जारी शासनादेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का ऐलान
कई बार अधिकारी विधायकों का फोन नहीं उठाते हैं और उनके फोन को इग्नोर कर देते हैं, लेकिन अब अधिकारियों को ऐसा करना भारी पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है, जो विधायकों का फोन नहीं उठाते हैं. नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने अधिकारियों के असहयोग का मुद्दा उठाया था. जिसके बाद में अध्यक्ष ने मामले में यह व्यवस्था दी है.
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना को दिए निर्देश
इस व्यवस्था को सुनिश्चित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना को निर्देश दिया कि वे पहले जारी किए गए शासनादेशों का पालन सुनिश्चित कराएं. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनहित के मुद्दों पर विधायकों को समय और सम्मान देने के लिए उत्तरदायी बनाया गया है. अब नियमों को तोड़ने वाले ऑफिसरों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे.
अधिकारियों का व्यवहार काफी चिंताजनक
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की शिकायत से यह साफ दिखाई दे रहा है कि अधिकारी लोग विधायकों का सहयोग नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह काफी चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी सदन में कुछ दोषी अधिकारियों को दंड दिया गया था. महाना ने कहा कि दंड देना यह दिखाता है कि अधिकारियों का व्यवहार संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है.
कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं
सतीश महाना के मुताबिक अगर अधिकारी अपना रवैया नहीं बदलता है, तो सदन के पास कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जाता है. उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ती है. सतीश महाना ने अधिकारियों को अपनी सीमाओं और दायित्वों का पालन करने के लिए कहा है. इसी के साथ उन्होंने सदस्यों से भी यह उम्मीद की है कि वे दूसरे अंगों की मर्यादा का भी सम्मान रखेंगे.
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