india venezuela oil purchase conditions: भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद के लिए ‘सप्लाई और प्रॉफिट’ की अनिवार्य शर्त रखी है, साथ ही अमेरिका के साथ नए व्यापार समझौते के लिए बातचीत तेज कर दी है. फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत ने 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र राष्ट्र का समर्थन करते हुए वैश्विक शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

india venezuela oil purchase conditions: भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेल की खरीद केवल तब होगी जब सप्लाई और प्रॉफिट दोनों सुनिश्चित हों. इसका मतलब है कि भारत अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा की जरूरतों का प्रबंधन करता है. इससे यह स्पष्ट होता है कि कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा और लाभ-हानि का पूरा आकलन किया जाएगा.
जायसवाल ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों देश मिलकर एक नया ट्रेड एग्रीमेंट बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. इसके तहत अगले सप्ताह भारत के नेगोशिएटर अमेरिका जाएंगे और आगे की बातचीत करेंगे. यह कदम दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे आर्थिक और व्यापारिक सहयोग में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है.
फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की स्थिति भी स्पष्ट की गई. प्रवक्ता ने बताया कि इंडिया-अरब लीग मंत्रीस्तरीय ज्वाइंट स्टेटमेंट में भारत ने 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीन राज्य के गठन का समर्थन किया है. यह राज्य इजरायल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व बनाए रख सके. भारत का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में न्यायोचित और लंबे समय तक स्थायी शांति जरूरी है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार संभव है.
जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत ने वाशिंगटन डीसी में हुई बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया. भारत ने गाजा पीस प्लान पहल और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत चल रहे प्रयासों का समर्थन किया. इसका मकसद क्षेत्रीय संघर्षों का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढना और सभी पक्षों के लिए न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
संक्षेप में, भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीद में सतर्क रुख अपनाया है, अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाया है और फिलिस्तीन-संबंधी मुद्दों में संतुलित और शांतिपूर्ण दृष्टिकोण बनाए रखा है. यह सभी कदम देश की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लिए जा रहे हैं. भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और अपने हितों के साथ-साथ वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए योगदान देगा.
